Corona Vaccine: 2024 तक दुनिया में सबको नहीं मिल पाएगी कोरोना वैक्सीन, सबसे बड़ी निर्माता कंपनी का दावा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 14, 2020, 04:03 PM IST

Serum Institute of India: सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अदर पूनावाला ने कहा कि 2024 के अंत तक दुनिया में हर किसी के लिए पर्याप्त कोरोना वायरस टीका उपलब्ध नहीं होगा।

Corona Vaccine: 2024 तक दुनिया में सबको नहीं मिल पाएगी कोरोना वैक्सीन, सबसे बड़ी निर्माता कंपनी का दावा

नई दिल्ली: इस साल के अंत तक कोविड-19 वैक्सीन की उम्मीदों के बीच दुनिया में टीकों के उत्पादन की सबसे बड़ी कंपनी के मुख्य कार्यकारी ने कहा है कि 2024 के अंत तक दुनिया में हर किसी के लिए पर्याप्त कोरोना वायरस टीका उपलब्ध नहीं होगा। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदर पूनावाला ने कहा कि फार्मा कंपनियां उत्पादन क्षमता में तेजी से वृद्धि नहीं कर रही हैं, जिससे दुनिया की आबादी को कम अवधि में टीका उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि दुनिया में सभी को टीका लगने में चार से पांच साल लगेंगे।

पूनावाला ने पहले यह अनुमान लगाया था कि यदि कोरोनो वायरस के लिए एक दो-खुराक का टीका होगा, जैसा कि खसरा या रोटावायरस के मामले में है, तो दुनिया में 15 अरब खुराक की आवश्यकता होगी। उन्होंने भारत में वैक्सीन वितरण के बारे में भी चिंता व्यक्त की। पूनावाला ने कहा कि मुझे अभी भी कागज पर एक उचित योजना नहीं दिख रही है। आप वैक्सीन के साथ ऐसी स्थिति नहीं चाहते हैं, जहां आपके देश की क्षमता हो, लेकिन आप इसका उपभोग नहीं कर सकते।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने वैक्सीन के लिए दुनिया की 5 कंपनियों के साथ करार किया है, जिसमें एस्ट्राजेनेका और नोवावैक्स भी हैं। सीरम इन कंपनियों के साथ मिलकर 1 अरब डोज बनाएगी, जिसमें से 50 फीसदी भारत में देने को कहा है। 

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने पहले उम्मीद जताई थी कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर तक कोविड-19 का टीका बना लेगी। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन अगले साल यानी 2021 की शुरुआत में आ जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि कोविड वैक्सीन के ट्रायल के दौरान पूरी सावधानी बरती जा रही है। उन्होंने ये भी कहा कि इसका पहला डोज लेने में उनको खुशी होगी, ताकि किसी को ये न लगे कि इस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। 

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