BrahMos Aerospace: ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने बताया हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने का प्लान, जानिए कितना लगेगा समय

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 13, 2022, 02:31 PM IST

BrahMos Aerospace: भारत-रूस रक्षा संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने 1998 में अपने गठन के 25 साल पूरे होने के साथ एक शानदार मील का पत्थर शुरू किया है।

BrahMos Aerospace: ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने बताया हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने का प्लान, जानिए कितना लगेगा समय
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BrahMos Aerospace: देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने सिल्वर जुबली की शुरुआत कर दी है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ और एमडी अतुल राणे ने सोमवार को कहा कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने में सक्षम है। 5-6 सालों में हम ब्रह्मोस द्वारा पहली हाइपरसोनिक मिसाइल प्राप्त करने में सक्षम होंगे।

हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने में सक्षम है ब्रह्मोस एयरोस्पेस

भारत-रूस रक्षा संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने 1998 में अपने गठन के 25 साल पूरे होने के साथ एक शानदार मील का पत्थर शुरू किया है। भारत की आजादी के 75 साल के साथ ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने 2022-2023 के लिए 'रजत जयंती वर्ष' समारोह शुरू किया है। भारत के सबसे सफल, अत्याधुनिक सैन्य साझेदारी कार्यक्रमों में से एक की अविश्वसनीय यात्रा को चिह्नित करने के लिए दुनिया के सबसे अच्छे, सबसे तेज और सबसे शक्तिशाली आधुनिक सटीक मारक हथियार ब्रह्मोस का उत्पादन किया है।

 रक्षा के क्षेत्र में भारत का रूस के साथ पुराना और व्यापक सहयोग

ब्रह्मोस के पहले सुपरसोनिक लॉन्च के 21 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 12 जून से शुरू होकर रजत जयंती वर्ष समारोह 12 फरवरी, 2023 को 'ब्रह्मोस स्थापना दिवस' पर समाप्त होगा।  रक्षा के क्षेत्र में भारत का रूस के साथ पुराना और व्यापक सहयोग रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली के साथ-साथ भारत में एसयू-30 विमान और टी-90 टैंक का लाइसेंस प्राप्त उत्पादन ऐसे प्रमुख सहयोग के उदाहरण हैं। भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग ऐतिहासिक रूप से गहरा है और विश्वास पर आधारित है। 

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