Assam landslides: असम के 3 जिलों में लैंडस्लाइड से 20 लोगों की मौत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 2, 2020, 02:47 PM IST

असम में हुए अलग-अलग जिलों में हुए भूस्खलनों में 20 लोगों की मौत हो गई है। 20 में से सात मौतें कछार जिले के लखीपुर में, सात हैलाकांडी जिले में और छह करीमगंज जिले में हुईं हैं।

Assam landslides: असम के 3 जिलों में लैंडस्लाइड से 20 लोगों की मौत
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: असम के बराक घाटी क्षेत्र के तीन जिलों में भूस्खलन की एक श्रृंखला में 20 लोग मारे गए और कई घायल हुए हैं। यहां तक कि राज्य बाढ़ से भी जूझ रहा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद ये भूस्खलन हुआ है। 20 में से सात मौतें कछार जिले के लखीपुर में, सात हैलाकांडी जिले में और छह करीमगंज जिले में हुईं हैं। 

जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि दो बच्चों और एक महिला सहित सात लोगों की उस समय मौत हो गई जब बोलोबा बाजार के नजदीक मोहनपुर में भूस्खलन की वजह से मलबा टिन के बने उनके मकान पर आ गिरा। उन्होंने बताया कि घायलों को इलाज के लिए हैलाकांडी जिला मुख्यालय स्थित एसके सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पड़ोसी करीमगंज जिले के पुलिस अधीक्षक संजीत कृष्णा ने बताया कि जिले के करीमपुर में मंगलवार तड़के तीन बजकर 30 मिनट पर हुए भूस्खलन की एक अन्य घटना में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला और तीन बच्चे शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कछार जिले के जयपुर इलाके स्थित कोलापुर गांव में भूस्खलन से सात लोगों की मौत हुई है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

अधिकारियों के मुताबिक राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अधिकारियों को तीनों घटनास्थलों पर भेजा गया है। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने भूस्खलन में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट किया, 'भारी बारिश की वजह से बराक घाटी में हुए भूस्खलन की चपेट में आने से लोगों की मौतों से दुखी हूं। मैंने कछार, हैलाकांडी और करीमगंज जिला प्रशासन और एसडीआरएफ को बचाव और राहत अभियान चलाने एवं जरूरतमंदों को हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया है।' 

मुआवजे का ऐलान

उन्होंने कहा कि असम के मंत्री परीमल सुकलावैद्य जो कोविड-19 के मद्देनजर हालात का जायजा लेने के लिए हैलाकांडी में मौजूद हैं ने जिला प्रशासन को भूस्खलन के मामले में सरकार को रिपोर्ट तुरंत भेजने का निर्देश दिया ताकि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि मुहैया कराई जा सके।

(भाषा के इनपुट के साथ)

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