'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर, आर्मी चीफ ने सेना में शामिल किए स्वदेश निर्मित बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों की पहली खेप 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 12, 2022, 07:03 PM IST

टीएएसएल तैनाती स्थलों पर वाहनों के रखरखाव के लिए सहायता भी प्रदान करेगा। बयान में कहा गया है, ‘‘भारतीय सेना द्वारा इन वाहनों का रेगिस्तानों के साथ-साथ उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में परीक्षण किए गए हैं।

'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर, आर्मी चीफ ने सेना में शामिल किए स्वदेश निर्मित बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों की पहली खेप 

नई दिल्ली : ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड’ (टीएएसएल) ने मंगलवार को भारतीय सेना को पहिएदार बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों की पहली खेप सौंपी। एक बयान में यह जानकारी दी गई है। टीएएसएल ने बयान में कहा कि इन वाहनों को पुणे में एक समारोह में सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे को सौंप दिया गया। इसमें कहा गया है, ‘‘इस उपलब्धि के साथ ही टीएएसएल भारतीय सशस्त्र बलों के लिए पहिएदार बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का उत्पादन और वितरण करने वाली भारत की पहली निजी क्षेत्र की कंपनी बन गई है।’’

वाहनों के रखरखाव के लिए सहायता भी प्रदान करेगा टीएएसएल
बयान के अनुसार आपूर्ति के अलावा, टीएएसएल तैनाती स्थलों पर वाहनों के रखरखाव के लिए सहायता भी प्रदान करेगा। बयान में कहा गया है, ‘‘भारतीय सेना द्वारा इन वाहनों का रेगिस्तानों के साथ-साथ उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में परीक्षण किए गए हैं।’’ इन वाहनों को पैदल सेना गतिशीलता वाहन (आईपीएमवी) भी कहा जाता है जो एक पहिएदार बख्तरबंद कार्मिक वाहक है और ये एक सैन्य गश्ती, टोही या सुरक्षा वाहन के रूप में कार्य करते है।
 

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