नई दिल्ली: पूर्वोत्तर राज्य मेघालय (Meghalaya Congress) में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है और ये झटका उसे किसी और ने नहीं बल्कि टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने दिया है। यहां कांग्रेस के 17 में से 12 विधायक अब तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। जो लोग कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं. उनमें मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा भी शामिल हैं। वो पार्टी के राज्य में दिग्गज नेता माने जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से नेताओं का कांग्रेस से लगातार टीएमसी में जाने का दौर जारी है। इससे एक दिन पहले कीर्ति आजाद और अशोक तंवर ने भी कांग्रेस छोड़कर टीएमसी का दामन थामा था।
शिलांग में एक अधिकारी के मुताबिक कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने वाले विधायकों के समूह ने विधानसभा अध्यक्ष एम लिंगदोह को विधायकों की सूची सौंपी है और उन्हें अपने निर्णय के बारे में बताया है।
बिना चुनाव लड़े मुख्य विपक्षी दल बनी टीएमसी
मेघालय में कांग्रेस के कुल 17 विधायक हैं जिसमें से 12 विधायकों के टीएमसी में जाने के बाद वहां अब टीएमसी बिना चुनाव लड़े ही मुख्य विपक्षी दल हो गई है। कांग्रेस के लिए यह एक बड़ा झटका है। इन सभी विधायकों पर दल-बदल कानून भी लागू नहीं हो सकता है क्योंकि दो तिहाही से ज्यादा पार्टी विधायक एक साथ टीएमसी में शामिल हुए हैं। आज दोपहर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुकुल संगमा इसका औपचारिक ऐलान कर सकते हैं जो कुछ दिन पहले विंसेंट एच. पाला को कांग्रेस कमेटी का प्रदेश अध्यक्ष बनाने से नाराज चल रहे थे।
मेघालय में है एनपीपी और बीजेपी की सरकार
मेघालय विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं और 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 21 सीटें जीतें थी जबकि एनपीपी यानि नेशनल पीपल्स पार्टी को 20 सीटें मिली थी। यूडीएफ के पास 6 और निर्दलीय के पास 3 सीटें और बीजेपी 2 सीटें हासिल करने में सफल रही थी। बाद में एनपीपी ने सरकार का गठन किया जिसे बीजेपी ने समर्थन दिया और सरकार में शामिल हुई।
लगातार लग रहे हैं कांग्रेस को झटके
इससे पहले कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कांग्रेसी नेताओं के लगातार टीएमसी में शामिल होने पर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी इस तरह के प्रयासों से कमजोर नहीं होगी और उसे कोई खत्म नहीं कर पाएगा।

