राजस्थान के जोधपुर 11 पाक शरणार्थियों की मौत, क्या ये सामूहिक आत्महत्या थी?, मौके से मिल रहे संकेत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 10, 2020, 09:50 AM IST

11 Pakistan Refugees death case: जोधपुर में 11 पाक शरणार्थियों की मौत मामले में जांच जारी है, मौके से संकेत मिले हैं कि उन्होंने सामूहिक आत्महत्या की है, हालांकि जांच अभी जारी है।

Jodhpur 11 Pakistan Refugees Death Case Update: पाकिस्तान के एक परिवार के 11 हिंदू शरणार्थी रविवार को राजस्थान के जोधपुर जिले में मृत पाए गए ये परिवार, जो 2015 में भारत से पाकिस्तान पहुंचा था, जोधपुर के लोधा गांव के देचू थाना क्षेत्र में रह रहा था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है और घटनास्थल पर अल्प्राजोलम की स्ट्रिप्स भी मिलीं। कयास है कि बोडूराम की 38 वर्षीय बेटी लक्ष्मी जिसने नर्स के रूप में प्रशिक्षण लिया था ने शनिवार रात परिवार के सभी सदस्यों को जहर देकर मार डाला।

पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है,जांचकर्ताओं को संदेह है कि रात के खाने में नींद की गोलियों दी गई हो सकती हैं जिसके बाद सभी को जहर का इंजेक्शन लगाया गया हो परिवार के सभी सदस्य- तीन महिलाएँ, दो पुरुष और पाँच बच्चों के हाथों पर सिरिंज के निशान थे वहीं  लक्ष्मी के पैरों पर सिरिंज के निशान थे,जिससे पुलिस का संदेह और भी मज़बूत हो गया है, हालांकि मामले की गहन जांच जारी है।

इस मामले की प्रारंभिक जांच के बाद, पुलिस को यह भी संदेह है कि इस झगड़े में पारिवारिक कलह हो सकती है वहीं कहा ये भी जा रहा है कि इसमें जहरीले पेस्टीसाइट्स का उपयोग भी किया गया हो सकता है, मामले की विस्तृत जांच जारी है इसलिए अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा।

क्या था जोधपुर में 11 पाकिस्तानी शरणार्थियों की मौत का मामला

राजस्थान के जोधपुर से इतवार को एक बड़ी घटना सामने आई है  वहां 11 पाकिस्तानी शरणार्थियों की मौत हुई है मृतकों में 6 व्यस्क और 5 बच्चे शामिल हैं। देसू थाने के लोड़ता क्षेत्र में ये घटना सामने आई है, इतने लोगों की एक साथ मौत से वहां हड़कंप मच गया है। देसू थाना अधिकारी व पुलिस के बड़े आला अधिकारी इस मामले की की जांच में जुटे हैं।सभी मृतक पाकिस्तान से विस्थापित बताए जा रहे हैं ये सभी लोग अचलावता गांव में खेती का काम करते थे, कहा जा रहा है कि कुछ समय पहले ही ये सभी लोग पाकिस्तान से जोधपुर आए थे और ये लोग गांव के खेत पर काम करते थे और पास ही में बनी झोपड़ी में एक साथ रहते थे। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि इस परिवार में कुल 12 लोग बताए जा रहे हैं,जिनमें से 11 लोगों की मौत हो गई वहीं परिवार का एक सदस्य रात में नलकूप की तरफ चला गया था और वहीं सो गया था। सुबह जब देखा तो परिवार के 11 सदस्यों की मौत हो चुकी थी।

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