Manipur Violence Latest News: मणिपुर में हालात की समीक्षा के लिए खुद गृहमंत्री अमित शाह 29 मई को इंफाल जा रहे हैं। हाल ही में जब मेइती समाज को एसटी में जोड़े जाने के मुद्दे पर मणिपुर हिंसा की आग में जल गया था। अब हालात सामान्य है, लेकिन इस तरह की खबरें मिलीं कि कुछ देशविरोधी ताकतें मणिपुर हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं और वो अनवरत भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह के हालात से निपटने के लिए सेना और असम राइफल्स की तरफ से 27 मई से बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। मणिपुर के कांगचुक, मोटबंग, सैकुल, पुखाओ और सगोलमैंग इलाके में उग्रवादी समूहों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी है।
आतंकियों के सफाए के लिए अभियान
ये ऑपरेशन मणिपुर राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सेना और असम राइफल्स के समग्र प्रयासों का हिस्सा हैं। सेना के दस्ते जंगली पहाड़ी इलाकों में नवीनतमहथियारों, उपकरणों और अन्य फोर्स मल्टीप्लायरों का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर इस ऑपरेशन के बारे में कुछ लोगों ने चिंता भी जताई है। बिष्णुपुर इलाके में लॉन्च ऑपरेशन एक शख्स का कहना है किवो मैं आदिवासी गांवों पर हमला करने वाले पुलिस कमांडो के हाथ में हाथ डाले मैतेई मिलिशिया के बारे में अधिक चिंतित है, न कि उन सशस्त्र विद्रोहियों के बारे में जो अपने क्षेत्र में बचाव करते रहते हैं।
जब जल उठा था मणिपुर
मणिपुर सरकार का कहना है कि आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से किसी को भयभीत होने की जरूरत है, जो लोग हिंसा या उग्रवाद से जुड़े होंगे उनके खिलाफ पुख्ता कार्रवाई की जाएगी। किसी भी निर्दोष को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं। सेना और असम राइफल्स का अभियान उन संगठनों के खिलाफ चलाया जा रहा है जो राज्य को अस्थिर करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। हाल ही में जो हिंसा हुई थी उसके लिए जिम्मेदार लोगों को पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
