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New Year से पहले राहतः दो सूबों में बढ़ा दी गई Pension, जानें- कहां कितना किया गया इजाफा?

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 14, 2022, 09:37 AM IST

Latest Pension News: क्रिसमस और न्यू ईयर से पहले दक्षिण भारत के दोनों सूबों (आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु) की ओर से पेंशन में इजाफा करने का फैसला बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करेगा।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

Photo : iStock

Latest Pension News: नए साल से पहले देश के दो सूबों के पेंशनभोगियों को राहत मिली है। दरअसल, दोनों प्रदेशों की सरकार ने पेंशन में इजाफे का ऐलान किया है। आंध्र प्रदेश में सामाजिक पेंशन बढ़ाकर 2,750 रुपए प्रति माह कर दी गई है, जबकि तमिलनाडु में भी दिव्यांगों की पेंशन में इजाफे का ऐलान किया गया। मंगलवार (14 दिसंबर, 2022) को आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने सामाजिक पेंशन मौजूदा 2,500 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 2,750 रुपए महीना करने को मंजूरी दे दी। बढ़ी हुई पेंशन एक जनवरी, 2023 से दी जाएगी।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, हालिया बढ़ोतरी से हर महीने 130.44 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। राज्य में इस समय 62 लाख पेंशनभोगी हैं और 2.43 लाख इस महीने जुड़ेंगे। वहीं, तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन ने दृष्टिबाधित समेत दिव्यांग लोगों के लिए पेंशन में 1,000 रुपए से 1,500 रुपए की वृद्धि की शनिवार को घोषणा की थी।

स्टालिन ने कहा था कि उनकी सरकार समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से वंचितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री के मताबिक, राज्यस्तरीय विशेषज्ञ और उच्चस्तरीय समितियां प्रौद्योगिकी आधारित रूपरेखा प्रदान करने के लिए काम कर रही हैं जो सरकारी और निजी क्षेत्र में दिव्यांग जन को बिना किसी की मदद के स्वतंत्रता से काम करने में सक्षम बनाएंगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा यहां अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग जन दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में कहा, ‘‘दिव्यांग जन को काम करने के लिए दफ्तर जाने की कोई जरूरत नहीं है। हम ऐसा परिवेश बनाने वाले हैं जो घर से काम करने की सुविधा देगा।’’

तमिलनाडु कौशल विकास निगम के तहत एक नयी पहल में दिव्यांग जन को कौशल प्रदान किया जाएगा और रोजगार के अवसर प्रदान किये जाएंगे। इस योजना में आवश्यक सॉफ्टवेयर के साथ उन्हें लैपटॉप प्रदान करना भी शामिल है। इससे पहले, पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने बताया कि केंद्र सरकार के तीस लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों ने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) का इस्तेमाल किया।

जीवन प्रमाण पत्र जमा करना पेंशभोगियों द्वारा हर साल नवंबर के महीने में की जाने वाली एक महत्वपूर्ण गतिविधि है (80 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशभोगियों के लिए अक्टूबर में अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए विशेष प्रावधान है) ताकि उनकी पेंशन जारी रह सके। पारंपरिक प्रक्रिया में, पेंशभोगियों को अपने जीवन प्रमाण पत्र को भौतिक रूप से जमा करने के लिए पेंशन वितरण प्राधिकरण के समक्ष उपस्थित होना पड़ता था, जिसके लिए बैंक कतार में प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। यह वृद्ध, बीमार पेंशनभोगियों के लिए असुविधाजनक पाया गया। पेंशनभोगियों के लिए पेंशन वितरण प्राधिकरण के रिकॉर्ड में उनके जीवन प्रमाणपत्रों के अद्यतनीकरण के संबंध में कोई तंत्र नहीं था।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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