बांग्लादेश में कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं, बौद्धों की हत्या
शुक्रवार को भीमराव अंबेडकर की पुण्य तिथि के अवसर पर लखनऊ में उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता ने आजादी से पहले लोगों से देश को विभाजित न होने देने का आग्रह किया था और चेतावनी दी थी कि इससे अंत तक लड़ाई होगी। बांग्लादेश में कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं, बौद्धों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों की हत्या की जा रही है। उन्हें जलाया जा रहा है। उनकी संपत्तियों को लूटा जा रहा है। महिलाओं की गरिमा को खत्म किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, जब तक जिन्ना की आत्मा वहां रहेगी, इस तरह की अराजकता जारी रहेगी। वहां गरीबों और वंचितों का शोषण किया जा रहा है। यह 1947 में भारत के विभाजन का पाप है।
बांग्लादेश में 22 फीसदी हिंदू आबादी 8 फीसदी में सिमटी
उन्होंने कहा कि 1947 में पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की बड़ी आबादी थी। आदित्यनाथ ने कहा, 1971 तक बांग्लादेश में 22 फीसदी आबादी हिंदू थी लेकिन अब यह घटकर 6 से 8 फीसदी रह गई है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने 1946-47 में जनता को इस बारे में आगाह किया था। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, आज कुछ लोग समाज को धोखा दे रहे हैं और झूठ फैला रहे हैं। ये वही लोग हैं जो तब चुप थे जब हैदराबाद के निज़ाम द्वारा दलितों के गांव जलाए जा रहे थे और उनका शोषण किया जा रहा था। उस समय भी अंबेडकर ने एक खुला पत्र लिखा था कि हैदराबाद में जिन दलितों पर अत्याचार हो रहा है, उन्हें निज़ाम का राज्य छोड़कर महाराष्ट्र चले जाना चाहिए। लेकिन उन्हें अपना धर्म नहीं बदलना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, हैदराबाद निज़ाम के लोगों और पाकिस्तान समर्थक जनता ने अंबेडकर को लुभाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं झुके। बाबा साहेब अंबेडकर को मानने वाले लोग भारत में सुरक्षित हैं और उन्हें आरक्षण का लाभ मिल रहा है। हमारी सरकार उन सभी का सम्मान करती है और उन्हें हर सुविधा प्रदान करती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के पहले कानून और श्रम मंत्री जोगेंद्र नाथ मंडल के शब्दों से गुमराह लोग उस देश और बांग्लादेश में अत्याचार का सामना कर रहे हैं।
संविधान की प्रति दिखाना सिर्फ दिखावा
सीएम आदित्यनाथ ने कहा, संविधान की प्रति दिखाना इन लोगों के लिए सिर्फ दिखावा है। इन्हें बाबा साहब के मूल्यों से कोई लेना-देना नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने बाबा साहब के मूल संविधान पर छुरा घोंपकर उन्हें मारने की कोशिश की थी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, प्रस्तावना संविधान की आत्मा है। कांग्रेस ने संविधान की प्रस्तावना की आत्मा को हटा दिया है। 1975 में देश में आपातकाल लगाकर बाबा साहब का अपमान किया गया था। आदित्यनाथ ने कहा, उन्होंने प्रस्तावना में संशोधन किया और ऐसे शब्द डाले जो बाबा साहब ने मूल संविधान में नहीं लिखे थे। ऐसे में जो लोग दिखावा कर रहे हैं उनका असली चेहरा लोगों के सामने लाने की जरूरत है।
