आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह राज्यों के गृहमंत्रियों के साथ हरियाणा के फरीदाबाद में दो दिनों की बैठक करने वाले हैं। लेकिन इस मीटिंग में क्या गैर बीजेपी राज्यों के वो सीएम भी शामिल होंगे जिनके पास गृहमंत्रालय का भी है। यह सवाल सस्पेंस के दायरे में है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल, झारखंड़, बिहार, राजस्थान अपने प्रतिनिधियों को सम्मेलन में शामिल होने के लिए भेज सकते हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत के कुछ राज्यों के मंत्री भी शामिल नहीं हो सकते हैं।
गैर बीजेपी शासित राज्यों के सीएम के शामिल होने पर सस्पेंस
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गैर बीजेपी शासित राज्यों के सीएम(जिनके पास गृह मंत्रालय का प्रभार) के शामिल न होने वजह उनके पहले से तय अप्वाइंटमेंट हो सकते हैं।सम्मेलन के पहले दिन गृहमंत्री अमित शाह सभी राज्यों के प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे जिसमें महिला सुरक्षा, पुलिस आधुनिकीकरण और बेहतर समन्वय चर्चा का केंद्र होगा। दूसरे दिन चर्चा का विषय अप्रवासी मुद्दा, साइबर सेक्यूरिटी और संबंधित मुद्दे होंगे। इसके साथ ही ड्रग्स के मुद्दे पर भी चर्चा होगी।
अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर प्रेजेंटेशन भी तैयार किए हैं जहां केंद्र राज्यों से सुझाव मांग सकता है। पिछले साल सितंबर में शाह ने खतरे की नवीनतम स्थिति की समीक्षा करने और सुरक्षा और विकास के मुद्दों के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए दिल्ली में 10 नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। वामपंथी उग्रवाद पर बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने भाग लिया; जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा; संचार, आईटी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव; सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह; और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय शामिल थे।
