देश

संसद के शीतकालीन सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक, दोनों सदनों के कार्यों और विषयों को लेकर रही चर्चा

संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश के अलावा तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समावादी पार्टी के राम गोपाल यादव, द्रमुक के तिरुचित शिवा और कई अन्य दलों के नेता इस बैठक में शामिल हुए।

Image

संसद के शीतकालीन सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक (ANI)

All-party meeting: संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई जिसमें दोनों सदनों के विधायी कार्यों और विभिन्न विषयों को लेकर चर्चा की गई। इस बैठक में सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभ में सदन के नेता एवं स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए।

कांग्रेस से कौन आया?

कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समावादी पार्टी के राम गोपाल यादव, द्रमुक के तिरुचित शिवा और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए। सर्वदलीय बैठक से पहले कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने रविवार को कहा कि विपक्ष निर्वाचन आयोग के साथ 'मिलीभगत' से सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा 'वोट चोरी' किए जाने का मुद्दा उठाएगा।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि जब लोकतंत्र की 'हत्या' की जा रही हो और सिर्फ 'वोट चोरी' नहीं, बल्कि 'वोट डकैती' की जा रही हो, तो यह एक मुद्दा अहम होगा। उनका कहना था, 'जब लाल किले के पास विस्फोट हो रहा है, तो यह एक मुद्दा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति विफल हो गई है। ये सभी मुद्दे उठाए जाएंगे।' बता दें कि शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और 19 दिसंबर को समाप्त होगा।

क्या रहेगा एजेंडा?

ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सोमवार, 1 दिसंबर से शुरू होने वाले 18वीं लोकसभा के 6वें सेशन और राज्यसभा के 269वें सेशन से पहले, संसद कई तरह के कानूनी और फाइनेंशियल काम करने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, संसद कई कानूनी और फाइनेंशियल काम करने वाली है, जिसमें राष्ट्रपति हेल्थ सिक्योरिटी और नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025; मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (सेकंड अमेंडमेंट) बिल, 2025; और सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 जैसे खास बिल पेश करने की सिफारिश करेंगे।

राष्ट्रपति को हेल्थ सिक्योरिटी और नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल के सब्जेक्ट मैटर के बारे में बताया गया है और उन्होंने संविधान के आर्टिकल 117 के क्लॉज (1) और आर्टिकल 274 के क्लॉज (1) के तहत इसे पेश करने की सिफारिश की है, जिस पर आर्टिकल 117 के क्लॉज (3) के तहत विचार किया जाएगा। ऐसा बाकी बिल को लेकर भी हुआ।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article