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SEMICON 2026: 'हथियार जैसा हो रहा आपूर्ति श्रृंखला का इस्तेमाल, सेमीकंडक्टर निर्माण में बनना होगा आत्मनिर्भर', भारत के चिप मिशन पर बोले PM मोदी

कार्यक्रम में 600 से अधिक कंपनियों के भाग लेने और करीब 50,000 लोगों के आने की उम्मीद है। इसमें 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से अधिक कार्यकारी अधिकारी और 150 से अधिक वक्ता शामिल होंगे। स्टार्टअप पवेलियन में करीब 40 स्टार्टअप हिस्सा लेंगे।

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सेमीकॉन इंडिया 2026 को संबोधित करते पीएम मोदी।

SEMICON India 2026: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़े निवेशक, शोधकर्ता और स्टार्टअप की भागीदारी वाले 'सेमीकॉन इंडिया 2026’ का बृहस्पतिवार को उद्घाटन किया। दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में उन्होंने प्रतिभागियों से बातचीत भी की। 'सिलिकॉन से सिस्टम तक: पारिस्थितिकी का निर्माण’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन एवं प्रदर्शनी के दौरान वैश्विक और भारतीय कंपनियों के साथ नीति-निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता, स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थान और विद्यार्थी शामिल हों रहे हैं।

'आपूर्ति श्रृंखलाओं का हथियार के रूप में हो रहा इस्तेमाल'

सुदृढ़ वैश्विक आपूर्ति नेटवर्क के निर्माण के लिए भारत के प्रयासों और दूरगामी सुधारों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि 'जब हमारे जैसा देश किसी महत्वपूर्ण उद्योग में सफल होता है, तो इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होती है। यह एक ऐसा तथ्य है जो ऐसे समय में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है जब आपूर्ति श्रृंखलाओं का हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हमें भारत में हो रहे इन बदलावों को इसी व्यापक दृष्टिकोण से देखना चाहिए।'

दुनिया भर में पहुंच रही भारत की चिप-पीएम मोदी

सेमीकॉन इंडिया 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और देश का तेजी से विकास हो रहा है। भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ा है। दुनिया ने ब्रिक्स में भारत की ताकत देखी। भारत की चिप दुनिया भर में पहुंच रही है और देश में सेमीकंडक्टर के दूसरे फेज की शुरुआत हो गई है।

पीएम ने देश की उपलब्धियों का किया जिक्र

पीएम ने कहा कि 'मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का आयोजन हुआ, जिसमें एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम तकनीक के जरिए समावेशी वित्त पर चर्चा हुई। इसी दौरान, भारत के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का लगभग 3,000 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह से चालू हो गया। इसी अवधि में यानी सितंबर महीने में ही भारत की तिमाही जीडीपी रिपोर्ट भी जारी हुई। इतने चुनौतीपूर्ण दौर में भी भारत ने 7.8% की विकास दर हासिल कर दिखाई।'

सेमीकंडक्टर पर भारत की योजनाओं के बार में वैष्णव ने बताया

इससे पहले सेमीकॉन इंडिया 2026 को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 'हम भारत में कम से कम 200 स्टार्टअप और ऐसी कंपनियों को लक्षित कर रहे हैं, जो सेमीकंडक्टर से जुड़ी विभिन्न जरूरतों के लिए चिप डिजाइन करती हैं। दूसरा स्तंभ मशीनरी और मटेरियल होगा। और मैं प्रभु जी को उनके द्वारा घोषित 5 अरब डॉलर के निवेश के लिए धन्यवाद देता हूं। यह निवेश हमारे देश में रोजगार पैदा करने में काफी मददगार साबित होगा। तीसरा स्तंभ डिस्प्ले, मेमोरी, सिलिकॉन, कंपाउंड और लॉजिक से जुड़े क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना होगा। चौथा स्तंभ एडवांस्ड पैकेजिंग यूनिट्स का होगा। ओडिशा में पहले से ही एक 3D पैकेजिंग यूनिट स्थापित होने जा रही है।'

सेमीकंडक्टर की समूची मूल्य शृंखला का होगा प्रदर्शन

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, तीन-दिवसीय सम्मेलन में भारत में सहयोग, निवेश, नवाचार और प्रतिभा विकास को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।

इस दौरान डिस्प्ले उद्योग में प्रगति, सहयोग और संयुक्त उपक्रमों को बढ़ावा देने के लिए छह देशों के गोलमेज सम्मेलन तथा महिलाओं के नेतृत्व से जुड़ा एक मंच भी आयोजित किया जाएगा। 'सेमीकॉन इंडिया 2026’ में सेमीकंडक्टर की समूची मूल्य शृंखला को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें सेमीकंडक्टर सामग्री, उपकरण और चिप डिजाइन से लेकर विनिर्माण, उन्नत पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम तक की प्रक्रिया शामिल होगी।

600 से अधिक कंपनियां ले सकती हैं हिस्सा

कार्यक्रम में 600 से अधिक कंपनियों के भाग लेने और करीब 50,000 लोगों के आने की उम्मीद है। इसमें 52 देशों के प्रतिनिधि, 400 से अधिक कार्यकारी अधिकारी और 150 से अधिक वक्ता शामिल होंगे। प्रदर्शनी में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन यानी छह देशों के मंडप के अलावा 12 राज्यों के बूथ, स्टार्टअप मंडप, नवाचार प्रदर्शनी, छात्र हैकाथॉन और कार्यबल विकास मंडप भी होंगे। स्टार्टअप पवेलियन में करीब 40 स्टार्टअप हिस्सा लेंगे, जबकि वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन में माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में प्रतिभा, कौशल और करियर के अवसरों पर फोकस किया जाएगा।

सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की पूरी तस्वीर देखने को मिलेगी

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण नया ‘सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ वैल्यू चेन एक्सपीरियंस होगा। इसके जरिए दर्शकों को सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की पूरी तस्वीर देखने को मिलेगी, जिसमें कच्चे माल और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एडवांस्ड पैकेजिंग, चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सिस्टम्स तक की प्रक्रिया शामिल होगी। कार्यक्रम में स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता, स्टूडेंट हैकाथॉन और इनोवेशन शोकेस भी आयोजित किए जाएंगे। इनके जरिए उभरती कंपनियों, शोधकर्ताओं और छात्रों को अपने आइडिया और तकनीकों को पेश करने का मंच मिलेगा।

प्रमुख कंपनियों के सीईओ से मिले पीएम

कॉन्फ्रेंस के दौरान कीनोट संबोधन, पैनल डिस्कशन और रणनीतिक सत्र होंगे। इनमें सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सप्लाई-चेन की मजबूती, एडवांस्ड पैकेजिंग, मटेरियल और उपकरण, चिप डिजाइन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, स्टार्टअप, इनोवेशन और प्रतिभा विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम से पहले आयोजित एक राउंडटेबल बैठक में सेमीकंडक्टर उद्योग की प्रमुख कंपनियों के सीईओ से भारत के सेमीकंडक्टर विकास के अगले चरण में भागीदारी करने का आग्रह किया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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