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अधर में जो है लटकी हुई, वो तो 'सरकार' नहीं...मोदी के शपथ ग्रहण से पहले अखिलेश का तंज

Akhilesh Yadav: अखिलेश यादव ने केंद्र में सत्तारूढ़ होने जा रही राजग सरकार पर तंज करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक टिप्पणी में कहा, "ऊपर से जुड़ा कोई तार नहीं, नीचे कोई आधार नहीं। अधर में जो है अटकी हुई वो तो कोई 'सरकार' नहीं।

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Akhilesh Yadav.

Akhilesh Yadav: भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के रविवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की जोरदार तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उसे अधर में लटकी हुई सरकार करार देते हुए तंज किया है। अखिलेश यादव ने केंद्र में सत्तारूढ़ होने जा रही राजग सरकार पर तंज करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक टिप्पणी में कहा, "ऊपर से जुड़ा कोई तार नहीं, नीचे कोई आधार नहीं। अधर में जो है अटकी हुई वो तो कोई 'सरकार' नहीं।

बता दें, नरेन्द्र मोदी रविवार शाम राष्ट्रपति भवन में गठबंधन सरकार के प्रमुख के तौर पर लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले के दो कार्यकाल में भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी। मगर इस बार उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में सरकार के गठन में तेलुगु देशम पार्टी और जनता दल यूनाइटेड की भूमिका निर्णायक हो गई है।

सपा के प्रदर्शन ने सबको चौंकाया

सपा ने इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और उसने अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 37 सीटें जीती हैं। मोदी, प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने वाले दूसरे नेता होंगे। नेहरू ने 1952, 1957 और 1962 के आम चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।

राहुल गांधी ने NEET परीक्षा को लेकर बोला हमला

वहीं, राहुल गांधी ने भी नीट परीक्षा को लेकर नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा, नरेंद्र मोदी ने अभी शपथ भी नहीं ली है और NEET परीक्षा में हुई धांधली ने 24 लाख से अधिक स्टूडेंट्स और उनके परिवारों को तोड़ दिया है। एक ही एग्जाम सेंटर से 6 छात्र मैक्सिमम मार्क्स के साथ टॉप कर जाते हैं, कितनों को ऐसे मार्क्स मिलते हैं जो टेक्निकली संभव ही नहीं है, लेकिन सरकार लगातार पेपर लीक की संभावना को नकार रही है। शिक्षा माफिया और सरकारी तंत्र की मिलीभगत से चल रहे इस पेपर लीक उद्योग से निपटने के लिए ही कांग्रेस ने एक रोबस्ट प्लान बनाया था। हमने अपने मैनिफेस्टो में कानून बना कर छात्रों को पेपर लीक से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया था। आज मैं देश के सभी स्टूडेंट्स को विश्वास दिलाता हूं कि मैं संसद में आपकी आवाज़ बन कर आपके भविष्य से जुड़े मुद्दों को मज़बूती से उठाऊंगा। युवाओं ने INDIA पर भरोसा जताया है - INDIA उनकी आवाज़ को दबने नहीं देगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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