Ajit Pawar Plane Crash: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को कहा कि अजित पवार और चार अन्य लोगों को ले जा रहे विमान का दुर्घटनाग्रस्त होना एक हादसा था और इसे राजनीतिक रंग न दिया जाए।
'महाराष्ट्र ने एक कुशल नेता को खोया'
शरद पवार ने पत्रकारों से कहा कि अजित की मृत्यु महाराष्ट्र के लिए एक बड़ा सदमा है, जिसने एक मेहनती और कुशल नेता को खो दिया है। उन्होंने कहा कि यह क्षति अपूरणीय है। उन्होंने कहा, ''सभी चीजें हमारे हाथ में नहीं होतीं।''
राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा, ''कोलकाता से यह अफवाह फैली कि इस घटना में कुछ राजनीति हो सकती है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। इससे राजनीति का कोई लेना-देना नहीं है। यह एक दुर्घटना थी। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इसमें राजनीति को न घसीटें।''
'SC की निगरानी में जांच की मांग'
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की है और आरोप लगाया है कि अन्य सभी एजेंसियां पूरी तरह से अपनी शुचिता खो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा तंत्रों के माध्यम से सच्चाई सामने नहीं आएगी, इसलिए उच्चतम न्यायालय की देखरेख में की गई जांच ही विश्वसनीय होगी।
क्या है पूरा मामला?
अजित पवार को ले जा रहे विमान को बुधवार सुबह खराब दृश्यता के बाद हवा में एक चक्कर लगाने के बाद एटीसी से उतरने की अनुमति मिल गई थी, लेकिन अंततः अनुमति मिलने के बाद भी विमान ने ATC को कोई 'रीड-बैक' या प्रतिक्रिया नहीं दी और कुछ ही क्षण बाद रनवे किनारे पर वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई।
नागर विमानन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक बयान में 'वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' के दुर्भाग्यपूर्ण 'लेयरजेट 45' विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के अंतिम 26 मिनट का ब्योरा दिया गया है। बारामती में एक 'अनियंत्रित हवाई क्षेत्र' है और यातायात संबंधी जानकारी बारामती के उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के प्रशिक्षकों/पायलटों द्वारा प्रदान की जाती है।
ATC का विमान से कब हुआ था संपर्क
बारामती विमान यातायात नियंत्रण कक्ष (ATC) के अनुसार, विमान से पहली बार सुबह आठ बजकर 18 मिनट पर संपर्क हुआ। इसके बाद, जब विमान बारामती से 30 नॉटिकल मील दूर था तब उसने संपर्क किया। पायलट को अपने विवेक से 'दृश्य मौसम संबंधी स्थितियों' में नीचे उतरने की सलाह दी गई। चालक दल ने हवाओं और दृश्यता के बारे में पूछा। तब उन्हें बताया गया कि हवाएं शांत हैं और दृश्यता लगभग 3,000 मीटर है।
नागर विमानन मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ''इसके बाद विमान ने आखिरी तौर पर रनवे 11 के करीब आने की सूचना दी, लेकिन कहा कि रनवे उसे दिखाई नहीं दे रहा है। उसने पहले प्रयास में चक्कर लगाना शुरू कर दिया।'' चक्कर लगाने के बाद, चालक दल से फिर पूछा गया कि क्या वह रनवे को देख सकता है। जवाब था- फिलहाल रनवे नजर नहीं आ रहा है। जब रनवे नजर आयेगा, हम संपर्क करेंगे। कुछ सेकंड बाद, चालक दल ने बताया कि उसे रनवे दिखाई दे रहा है।
रनवे 11 के किनारे आग का गोला बना विमान
बयान में कहा गया है, ''विमान को सुबह आठ बजकर 43 मिनट पर रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई। हालांकि, उसने (चालक दल ने) लैंडिंग की अनुमति के बारे में कोई सूचना नहीं दी (एटीसी को जवाब नहीं दिया)। इसके बाद, सुबह आठ बजकर 44 मिनट पर एटीसी ने रनवे 11 के किनारे के आसपास आग की लपटें देखीं।'' आपातकालीन सेवाएं तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
