Chandra Rahu Yuti 2026: 23 सितंबर 2026 की रात 9 बजकर 56 मिनट पर चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। कुंभ राशि में पहले से राहु की मौजूदगी के कारण चंद्रमा के वहां पहुंचते ही दोनों ग्रहों की युति बनेगी। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा और राहु की युति को ग्रहण योग कहा जाता है। चंद्रमा मन, भावनाओं, सोच, मानसिक शांति और निर्णय क्षमता का कारक है, जबकि राहु भ्रम, असमंजस, असामान्य सोच, अचानक बदलाव और मानसिक बेचैनी बढ़ाने वाला ग्रह माना जाता है।
चंद्रमा जब राहु के साथ आता है तो मन और सोच पर राहु का प्रभाव बढ़ सकता है। व्यक्ति किसी बात को जरूरत से ज्यादा सोच सकता है, सही और गलत के बीच भ्रम पैदा हो सकता है और कई मामलों में भावनाओं के आधार पर ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं जिनके परिणाम बाद में समझ आते हैं। इस युति का असर हर राशि पर एक जैसा नहीं रहेगा। चंद्रमा-राहु कुंभ में जिस भाव में बैठेंगे, उसी के अनुसार परिणाम बदलेंगे।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए कुंभ में बना ग्रहण योग 11वें भाव में रहेगा। 11वां भाव इनकम, लाभ, नेटवर्क, बड़े भाई-बहन और इच्छाओं की पूर्ति का होता है। यहां राहु महत्वाकांक्षा को बढ़ाता है और चंद्रमा मन को तेजी से परिणाम पाने के लिए बेचैन कर सकता है। ऐसे में कमाई को लेकर बड़े लक्ष्य बनेंगे, नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा और अचानक कोई आर्थिक अवसर भी मिल सकता है, लेकिन हर चमकता हुआ अवसर फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं। दोस्ती या प्रोफेशनल नेटवर्क में किसी व्यक्ति पर जरूरत से ज्यादा भरोसा नुकसान दे सकता है।
उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के लिए कुंभ में चंद्रमा-राहु की युति 10वें भाव में बनेगी। यह कर्म, नौकरी, बिजनेस, पद और प्रतिष्ठा का भाव है। ग्रहण योग यहां करियर को लेकर मन में असमंजस पैदा कर सकता है। नौकरी बदलने, नई भूमिका लेने या कोई बड़ा बिजनेस फैसला करने की इच्छा अचानक तेज हो सकती है, लेकिन जल्दबाजी में लिया गया फैसला उलझन बढ़ा सकता है। ऑफिस में किसी की बात को गलत समझने या अपनी बात को लेकर गलतफहमी बनने की भी संभावना रहेगी। बॉस या वरिष्ठ अधिकारी के साथ बातचीत में भावनात्मक प्रतिक्रिया देने से बचना होगा।
उपाय: सफेद चावल का दान करें और चंद्रमा के मंत्र का जाप करें।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह युति नौवें भाव में बन रही है। नौवां भाव भाग्य, धर्म, पिता, गुरु, उच्च शिक्षा और लंबी यात्रा का होता है। ग्रहण योग यहां आपकी मान्यताओं और फैसलों को लेकर भ्रम पैदा कर सकता है। किसी गुरु, वरिष्ठ व्यक्ति या पिता से विचारों का मतभेद हो सकता है। अचानक यात्रा या उच्च शिक्षा से जुड़ा कोई फैसला भी सामने आ सकता है। भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय तथ्यों को देखकर आगे बढ़ना ज्यादा जरूरी होगा। धार्मिक मामलों में भी मन एक जगह टिकने के बजाय बार-बार बदल सकता है।
उपाय: किसी जरूरतमंद को दूध या चावल का दान करें और माता-पिता का आशीर्वाद लें।
कर्क राशि
कर्क राशि के लिए यह ग्रहण योग आठवें भाव में बनेगा और यह स्थिति सावधानी मांगती है। आठवां भाव अचानक घटनाओं, मानसिक डर, गुप्त मामलों, साझा धन, इंश्योरेंस और अप्रत्याशित बदलावों का होता है। चंद्रमा यहां राहु से प्रभावित होकर मन में बिना वजह चिंता बढ़ा सकता है। पुराने मुद्दे अचानक सामने आ सकते हैं और पैसों या रिश्तों से जुड़ी कोई छिपी बात सामने आने से मानसिक दबाव बढ़ सकता है। वाहन चलाते समय और किसी जोखिम वाले काम में विशेष सावधानी रखें।
उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए चंद्रमा-राहु की युति सातवें भाव में बनेगी। सातवां भाव विवाह, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनर और पब्लिक डीलिंग का होता है। इस वजह से रिश्तों में गलतफहमी बढ़ सकती है। पार्टनर की किसी साधारण बात को भी आप ज्यादा गंभीरता से ले सकते हैं और छोटी बात बहस में बदल सकती है। बिजनेस पार्टनरशिप में भी भरोसे से जुड़े सवाल खड़े हो सकते हैं। इस दौरान कोई भी बड़ा रिलेशनशिप या बिजनेस फैसला भावनात्मक स्थिति में लेने से बचें।
उपाय: भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए यह योग छठे भाव में बनेगा। छठा भाव कर्ज, बीमारी, शत्रु, प्रतियोगिता और नौकरी से जुड़ा है। ग्रहण योग यहां मानसिक दबाव जरूर बढ़ा सकता है, लेकिन दूसरे लोगों की चाल या विरोध को समझने की क्षमता भी बढ़ सकती है। नौकरी में कॉम्पिटिशन ज्यादा महसूस होगा और पुराने विरोधी सक्रिय हो सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर बेवजह चिंता करने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, इसलिए छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव लेने से बचें। प्रतियोगी परीक्षा या जॉब से जुड़े मामलों में लगातार मेहनत करते रहें।
उपाय: गाय को हरा चारा और रोटी खिलाएं।
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तुला राशि
तुला राशि के लिए ग्रहण योग पंचम भाव में बनेगा। पंचम भाव प्रेम, शिक्षा, संतान, बुद्धि, क्रिएटिविटी और निवेश का होता है। यहां चंद्रमा-राहु की युति मन को बहुत ज्यादा कल्पनाशील बना सकती है, लेकिन सही निर्णय लेने में दिक्कत भी दे सकती है। प्रेम संबंधों में शक या गलतफहमी बढ़ सकती है। स्टूडेंट्स का ध्यान बार-बार दूसरी चीजों की तरफ जा सकता है और निवेश करने वालों को किसी आकर्षक ऑफर में तुरंत पैसा लगाने से बचना चाहिए। संतान से जुड़ी किसी बात को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।
उपाय: छोटे बच्चों में सफेद मिठाई बांटें और शिव-पार्वती की पूजा करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लिए यह युति चौथे भाव में बन रही है। चौथा भाव घर, माता, प्रॉपर्टी, वाहन और मानसिक शांति का भाव है। ग्रहण योग इस समय सबसे ज्यादा मानसिक शांति को प्रभावित कर सकता है। घर में छोटी बात पर तनाव हो सकता है और प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़ा कोई फैसला मन को उलझा सकता है। माता की सेहत या उनसे जुड़ी कोई चिंता भी मन पर असर डाल सकती है। घर के माहौल को शांत रखना और बहस से बचना इस समय बहुत जरूरी रहेगा।
उपाय: अपनी माता या उनके समान किसी महिला का आशीर्वाद लें और शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल चढ़ाएं।
धनु राशि
धनु राशि के लिए चंद्रमा-राहु की युति तीसरे भाव में बनेगी। तीसरा भाव साहस, कम्युनिकेशन, भाई-बहन और छोटी यात्राओं से जुड़ा है। यह स्थिति आपको ज्यादा एक्टिव बना सकती है, लेकिन बातचीत में जल्दबाजी और जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देने की आदत भी बढ़ा सकती है। सोशल मीडिया, डिजिटल कम्युनिकेशन या ऑफिस की बातचीत में किसी बात को गलत तरीके से समझे जाने की संभावना रहेगी। भाई-बहनों के साथ भी अनावश्यक बहस से बचें। साहस बढ़ेगा, लेकिन फैसले लेने से पहले दोबारा जांच करना जरूरी होगा।
उपाय: मंदिर में सफेद फूल चढ़ाएं और चंद्र मंत्र का जाप करें।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए ग्रहण योग दूसरे भाव में बनेगा। दूसरा भाव धन, परिवार और वाणी का होता है। यहां चंद्रमा-राहु की युति आर्थिक मामलों और पारिवारिक वातावरण में अस्थिरता ला सकती है। पैसे को लेकर अचानक खर्च बढ़ सकता है या कोई ऐसा आर्थिक फैसला सामने आ सकता है जिसमें ज्यादा सोचने की जरूरत होगी। सबसे बड़ी सावधानी आपकी वाणी को लेकर रहेगी। गुस्से में कही गई बात परिवार में लंबे समय तक विवाद का कारण बन सकती है। सेविंग्स को सुरक्षित रखना और अनावश्यक खरीदारी से बचना बेहतर रहेगा।
उपाय: चावल, दूध या सफेद वस्त्र का दान करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण प्रभावों में से एक है क्योंकि ग्रहण योग आपकी राशि के प्रथम भाव में ही बनेगा। चंद्रमा आपका मन है और राहु जब लग्न में चंद्रमा के साथ आता है तो सोच बहुत तेजी से बदल सकती है। एक समय पर कोई फैसला सही लगेगा और कुछ समय बाद उसी फैसले पर संदेह होने लगेगा। बेचैनी, ओवरथिंकिंग, चिड़चिड़ापन और अचानक मूड बदलने जैसी स्थितियां बढ़ सकती हैं। इस समय कोई बड़ा जीवन फैसला केवल भावनात्मक स्थिति में लेकर आगे न बढ़ें।
उपाय: भगवान शिव का अभिषेक करें और रात में चंद्रमा को जल अर्पित करें।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए चंद्रमा-राहु की युति 12वें भाव में बन रही है। 12वां भाव खर्च, विदेश, नींद, एकांत और मानसिक स्तर पर भीतर चलने वाली गतिविधियों का है। ग्रहण योग यहां अचानक खर्च बढ़ा सकता है और नींद के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। बिना वजह किसी बात को लेकर चिंता करना या रात में ज्यादा सोचना भी बढ़ सकता है। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कामों में अचानक हलचल हो सकती है, लेकिन डॉक्यूमेंट और आर्थिक लेनदेन में सावधानी जरूरी होगी।
उपाय: रात शिव मंदिर में घी का दीपक जलाएं और चंद्रमा के मंत्र का जाप करें।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
