जहां भारतीय सेना नियंत्रण रेखा (LoC) पर देश की सीमाओं की सुरक्षा और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से मुकाबले के लिए लगातार तैनात है, वहीं उत्तर कश्मीर के दुर्गम इलाकों में रहने वाले नागरिकों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए सेना ने सात दिवसीय विशेष नेत्र चिकित्सा अभियान शुरू किया है। चिनार कोर के तत्वावधान और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशालय (DGAFMS) के समन्वय से भारतीय सेना ने ‘Operation Drishti’ शुरू किया है।
इसके तहत विशेष रूप से तंगधार के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद नागरिकों और पूर्व सैनिकों को नि:शुल्क उन्नत नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 23 से 30 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत 92 Base Hospital द्वारा तंगधार, उरी, बांदीपोरा, खानाबल, कंगन, दावर और बारामूला सहित कई दूरदराज के इलाकों में व्यापक जांच शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए 400 मरीजों की पहचान की गई है।
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ताकि मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार पूरी तरह नि:शुल्क मिल सके
सर्जरी के लिए नई दिल्ली स्थित Army Hospital (Research & Referral) की विशेषज्ञ टीम को तैनात किया गया है। टीम का नेतृत्व नेत्र रोग विभाग के प्रमुख Brigadier (Dr.) Sanjay Kumar Mishra कर रहे हैं। उन्नत जांच उपकरण और माइक्रो-सर्जिकल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार पूरी तरह नि:शुल्क मिल सके। अभियान के पहले चरण में 24 और 25 सितंबर को तंगधार स्थित भूमिगत अग्रिम शल्य चिकित्सा केंद्र, Ex 328 Field Hospital में 200 मरीजों की सर्जरी की जाएगी। वहीं, दूसरे चरण में 28 और 29 सितंबर को 92 Base Hospital, BB Cantonment, Srinagar में 200 अन्य मरीजों का ऑपरेशन किया जाएगा।
जहां विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच अक्सर चुनौती बनी रहती है
नियंत्रण रेखा के करीब रहने वाले लोगों के लिए, जहां विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच अक्सर चुनौती बनी रहती है, यह पहल महत्वपूर्ण है। सेना जहां सीमा पर लगातार निगरानी रखते हुए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से मुकाबला कर रही है, वहीं अपने तैनाती वाले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को भी पूरा कर रही है। ‘Operation Sadbhavana’ के तहत आयोजित यह अभियान देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय आबादी के लिए भारतीय सेना की निरंतर मानवीय पहुंच और जनकल्याणकारी भूमिका को भी रेखांकित करता है।
