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Air India की फ्लाइट में फिर बदसलूकी, पैसेंजर ने क्रू मेंबर को दी गाली, एक को पीटा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 30, 2023, 04:02 PM IST

Air India Flight: एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया, 29 मई को फ्लाइट AI882 में एक यात्री ने क्रू मेंबर के साथ बदसलूकी की। उन्होंने बताया, पहले यात्री ने क्रू के सदस्यों को गाली दी, बाद में उसने एक क्रू सदस्य पर हमला कर दिया। यात्री को सुरक्षा कर्मियों के हवाले कर दिया गया है।

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Photo : BCCL

Air India Flight: एयर इंडिया की फ्लाइट में यात्रियों द्वारा क्रू मेंबर के साथ बदतमीजी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। एक बार फिर चलती फ्लाइट में एक यात्री ने न सिर्फ क्रू मेंबर के साथ दुर्व्यव्हार किया, बल्कि उनके साथ गाली-गलौच भी की, जिसके बाद यात्री को सुरक्षा कर्मियों को सौंप दिया गया है।

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया, 29 मई को फ्लाइट AI882 में एक यात्री ने क्रू मेंबर के साथ बदतमीजी की। उन्होंने बताया, पहले यात्री ने क्रू के सदस्यों को गाली दी जिस पर उसे रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं रुका और उसने एक क्रू सदस्य पर हमला कर दिया। एक इंडिया प्रवक्ता ने बताया, दिल्ली हवाईअड्डे पर विमान के उतरने के बाद यात्री ने अकारण दुर्व्यव्हार जारी रखा, जिसके बाद उसे सुरक्षाकर्मियों को सौंप दिया गया। उन्होंने बताया, हमने नियामक को भी घटना की सूचना दी है।

इसी महीने दूसरी घटना

इससे पहले एयर इंडिया की फ्लाइट में 10 अप्रैल को भी ऐसा ही मामला सामने आया था। इस दौरान एक यात्री ने दिल्ली से लंदन उड़ान के दौरान दो महिला केबिन क्रू सदस्यों को शारीरिक नुकसान पहुंचा था। इसके बाद एयर इंडिया ने यात्री पर सख्त कार्रवाई करते हुए उस पर दो साल के लिए उड़ान पर प्रतिबंध लगा दिया था। दिल्ली पुलिस ने भी यात्री के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

इससे पहले भी एयर इंडिया की फ्लाइट में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बीते मार्च में एक यात्री ने प्लेन के टॉयलेट में सिगरेट पी और फिर बाद में उसने क्रू मेंबर के साथ भी बदतमीजी की थी। वहीं इससे पहले शंकर मिश्रा नामक यात्री ने फ्लाइट में एक महिला यात्री पर नशे की हालत में पेशाब की थी, जिसके बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ा। इसके बाद एयर इंडिया ने यात्री शंकर मिश्रा पर चार महीने तक यात्रा करने का प्रतिबंध लगा दिया था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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