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'दागदार शर्मसार खाकी'! जिन पर रक्षा का था जिम्मा, उन्हीं ने किशोरी से किया दुष्कर्म; भोपाल में दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार

भोपाल में एसटीएफ के एक आरक्षक ने बेटी के जन्मदिन का बहाना बनाकर 17 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके साथी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) में तैनात एक आरक्षक पर 17 वर्षीय दलित किशोरी को अपनी बेटी के जन्मदिन समारोह में बुलाने का झांसा देकर कथित रूप से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी आरक्षक और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार ने बताया कि एसटीएफ में पदस्थ और वर्तमान में धार जिले में तैनात मुख्य आरोपी संतोष सेन तथा उसके साथी ग्वालियर जिले में पदस्थ आरक्षक जितेंद्र राजपूत को गिरफ्तार कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि संतोष सेन के खिलाफ दुष्कर्म, बच्चों को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अहिरवार ने बताया कि दुष्कर्म के आरोप को छोड़कर जितेंद्र राजपूत के खिलाफ भी इन्हीं कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि राजपूत ने कथित तौर पर किशोरी को लाने-ले जाने के लिए कार की व्यवस्था की और अपराध में संतोष सेन की मदद की।

पुलिस के अनुसार, सेन का हाल ही में भोपाल से धार जिले में तबादला हुआ था। आरोप है कि उसने 22 जुलाई की शाम एक परिचित के मोबाइल फोन से किशोरी को फोन कर अपनी बेटी के जन्मदिन समारोह में बुलाया।

अधिकारी ने बताया कि जब किशोरी शाम करीब साढ़े छह बजे लाल परेड ग्राउंड के पास पहुंची, तो दोनों पुलिसकर्मी राजपूत के तीन वर्षीय बेटे के साथ कार में मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक सेन किशोरी को बहला-फुसलाकर एमपी नगर स्थित एक घर में ले गया, जहां उसने कथित रूप से उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान राजपूत अपने बेटे के साथ बाहर निगरानी करता रहा।

अधिकारी ने बताया कि किशोरी घर पहुंची और उसने अपने परिवार को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने शुरुआत में कमला नगर थाने में ’जीरो एफआईआर’ दर्ज की और बाद में जांच के लिए मामला जहांगीराबाद थाने को स्थानांतरित कर दिया। उल्लेखनीय है कि ’जीरो एफआईआर’ किसी भी पुलिस थाने में दर्ज की जा सकती है, भले ही अपराध उस थाना क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में नहीं हुआ हो। थाना प्रभारी अहिरवार ने कहा कि दोनों आरोपियों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।’’

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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