शहर

मानसून का महाप्रहार! राजस्थान से गुजरात, कश्मीर से असम तक बारिश ने मचाई तबाही, प्रशासन और सेना राहत अभियान में जुटी

देशभर में मानसून का असर लगातार बढ़ रहा है। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, असम और नगालैंड में भारी बारिश से बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियां बन गई हैं, जबकि राहत-बचाव अभियान तेज कर दिए गए हैं।

Image

मानसून का रौद्र रूप (AI फोटो)

Monsoon 2026: देश के कई राज्यों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है, जिससे लगातार बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव जैसी स्थितियां सामने आ रही हैं। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, असम और नगालैंड में भारी वर्षा ने जनजीवन को प्रभावित किया है तथा कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राहत एवं बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं, जबकि प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में कई राज्यों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने की चेतावनी दी है।

राजस्थान में बारिश का दौर बरकरार

मानसून के असर से राजस्थान में बारिश का दौर जारी है जहां बीते चौबीस घंटे में कई जगह मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आज भी राज्य में कई जगह भारी बारिश हो सकती है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार शुक्रवार सुबह तक के चौबीस घंटे में राजस्थान में कई जगह मध्यम से भारी बारिश हुई। सबसे अधिक 90 मिलीमीटर (भारी) बारिश बाड़मेर के पचपदरा में दर्ज की गई। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में आगामी कुछ दिन मानसून सक्रिय रहेगा। आज शुक्रवार को अजमेर, कोटा, जोधपुर व उदयपुर संभाग में मध्यम से भारी बारिश व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। वहीं जयपुर, भरतपुर व बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दक्षिण पश्चिमी व दक्षिणी राजस्थान के कुछ भागों में मध्यम से भारी बारिश की गतिविधियां 25 जुलाई को भी होंगी जबकि बाकी हिस्सों में हल्की मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है।

गुजरात में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित

वहीं गुजरात में लगातार तीसरे दिन भी मूसलाधार बारिश जारी रहने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई गांवों का संपर्क कट गया है, अब तक 38,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है तथा 352 से अधिक लोगों को बचाया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के कुछ स्थानों पर 24 घंटे में 400 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और सेना की टीमें बचाव एवं राहत कार्य में जुटी हैं। वहीं, प्रशासन ने प्रभावित जिलों में स्कूल बंद कर दिए हैं और मुंबई जाने वाली कई रेलगाड़ियां रद्द कर दी गई हैं। दक्षिण गुजरात के वलसाड, नवसारी और सूरत तथा मध्य गुजरात के अहमदाबाद और खेड़ा जिलों में शुक्रवार सुबह छह बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह से वाव-थराद, अमरेली और खेड़ा जिलों में बारिश का नया दौर शुरू होने से प्रशासन सतर्क बना हुआ है। राहत आयुक्त गौरांग मकवाना ने बताया, "अब तक 38,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें अधिकतर लोग नवसारी और वलसाड जिलों के हैं। कई लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। लगभग 2,000 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है। अब तक 352 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।"

नासिक में गोदावरी नदी खतरे के निशान ऊपर

भारी बारिश के बीच गंगापुर बांध से पानी छोड़े जाने के कारण शुक्रवार तड़के नासिक में गोदावरी नदी खतरे के निशान को पार कर गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शहर में शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों के दौरान 116 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही मूसलाधार बारिश कम हो गई और शाम 5:30 बजे तक मात्र 2.1 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गोदावरी, कादवा, दारणा, गिरना और मोसम नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। गोदावरी का जलस्तर बढ़ने से रामकुंड और गोदा घाट के छोटे मंदिर पानी में डूब गए, जबकि प्रसिद्ध दुतोंड्या मारुति की मूर्ति पूरी तरह जलमग्न हो गई। उन्होंने बताया कि इस हफ्ते जिले के कुछ तहसीलों में भारी बारिश हुई, जिनमें त्र्यंबकेश्वर में 193 मिलीमीटर और सुरगाणा में 164.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिससे पालखेड़, हरणबारी, नांदूर मधमेश्वर बराज और गंगापुर जैसे बांधों से पानी छोड़ना पड़ा। एक अधिकारी ने बताया, "जिले के बांधों में कुल जल भंडारण बढ़कर 72.40 प्रतिशत हो गया है। पूरे जिले को पानी की आपूर्ति करने वाले गंगापुर बांध में यह 98.26 प्रतिशत है। गंगापुर से 14,407 क्यूसेक, दारणा से 19,312 क्यूसेक, चाणकपुर से 18,879 क्यूसेक और नांदूर-मध्यमेश्वर बराज से 94,497 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।" जिला प्रशासन ने इन क्षेत्रों और विभिन्न नदियों के तटों पर रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने तथा आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है, जिसमें नदियों में न जाना और कीमती सामान, मवेशियों तथा अन्य सामग्रियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शामिल है।

कश्मीर में बारिश से बाढ़ का खतरा, ज्यादातर नदियों का जलस्तर बढ़ा

इसी दौरान कश्मीर के कई हिस्सों में लगातार चौथे दिन शुक्रवार को रुक-रुककर बारिश हुई, जिससे ज्यादातर नदियों और जल धाराओं का जलस्तर बढ़ गया और बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि, अनंतनाग और श्रीनगर में झेलम नदी का जल स्तर घटने लगा है। इन दोनों स्थानों पर नदी का जल स्तर बृहस्पतिवार रात बाढ़ के निशान को पार कर गया था। कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में, खासकर दक्षिण कश्मीर में रुक-रुककर बारिश जारी रही, जिससे कई नदियां उफान पर हैं। अधिकारियों ने बताया कि झेलम नदी, जिसका जलस्तर बृहस्पतिवार को बाढ़ के निशान से ऊपर पहुंच गया था, शुक्रवार को कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, सुबह से ही इसका जलस्तर घट रहा है। दोपहर करीब 12 बजे दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के संगम में झेलम नदी का जलस्तर 18.90 फुट दर्ज किया गया, जो बाढ़ के निशान 21 फुट से थोड़ा नीचे है। हालांकि, अन्य बाढ़ निगरानी केंद्रों पर नदी का जलस्तर अब भी बाढ़ के निशान से ऊपर बना हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के बाहरी इलाके पंपोर में और शहर के मुंशी बाग में झेलम नदी का जल स्तर बाढ़ के निशान से ऊपर है। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में पिछले 24 घंटों के दौरान काफी बारिश हुई। सुबह 8.30 बजे तक काजीगुंड में 40.2 मिलीमीटर (मिमी), कोकरनाग में 39.2 मिमी और पहलगाम में 25.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण कश्मीर और आसपास के इलाकों में शुक्रवार शाम से मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है। विभाग ने क्षेत्र में 28 से 31 जुलाई तक फिर से बारिश होने का पूर्वानुमान भी किया है।

असम में 47 लोगों की मौत, 40 लापता

बात असम की करें तो यहां लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी रही। राज्य में बाढ़ से अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है और 11 जिलों में 7.21 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि करीब 40 लोग अब भी लापता हैं और मृतकों की संख्या भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा, "सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ है और हर संभव मदद करेगी। बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम 25 जुलाई को राज्य का दौरा करेगी।" असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार सुबह नौ बजे शिवसागर शहर में दिखौ नदी का जलस्तर अब भी "गंभीर बाढ़ स्तर से ऊपर" था। उन्होंने कहा, "दिखौ नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी गई है।" फिलहाल खोवांग में बुरीदिहिंग, नांगलामुराघाट में दिसांग, शिवसागर में दिखौ, नुमालीगढ़ में धनसिरी और श्रीभूमि में कुशियारा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

नगालैंड में भूस्खलन के बीच फंसे 180 लोगों को सुरक्षित बचाया गया

नगालैंड में बारिश के कारण हुए भूस्खलन के मद्देनजर बचाव कार्य तेज कर दिया गया है और अधिकारियों ने फंसे हुए 180 से अधिक लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भेजी है। नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनएसडीएमए) ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार ने राहत और बचाव के उपाय तेज कर दिए हैं, क्योंकि मानसून की भारी बारिश से सड़क संपर्क बाधित हो रहा है और भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। सड़क संपर्क कट जाने के कारण, एनएसडीएमए ने फंसे हुए यात्रियों को निकालने तथा जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमान की मदद ली। राज्य सरकार के एक हेलीकॉप्टर ने भी लोगों को सुरक्षित निकालने के काम में मदद की। शुक्रवार शाम जारी बयान के मुताबिक, पिछले 48 घंटों में वायुसेना के विमान ने फंसे हुए 148 लोगों को सुरक्षित निकाला - जिनमें मोन से 43 और लॉन्गलेन्ग से 105 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि राज्य सरकार के हेलीकॉप्टर ने मोन से 41 और लोगों को सुरक्षित निकाला। प्रभावित जिलों में हवाई मार्ग से पहुंचाई गई राहत सामग्री में खाने-पीने का सामान, मेडिकल किट और कपड़े शामिल हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!