दिल्ली से अमृतसर जा रहे एयर इंडिया के एक विमान (फ्लाइट AI479) को अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान अचानक पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र (Airspace) में प्रवेश करना पड़ा। यह घटना 22 जून की है, जब एयरबस 321 विमान अमृतसर एयरपोर्ट के नजदीक पहुंच रहा था, तभी रनवे पर एक बर्ड स्ट्राइक (पक्षी टकराने) की घटना के बाद एटीसी ने रनवे निरीक्षण के लिए पायलट को हवा में ही होल्ड करने को कहा। एयर इंडिया के अनुसार, अमृतसर हवाई अड्डे पर 'गो-अराउंड' (लैंडिंग टालकर विमान को दोबारा हवा में ले जाने) की प्रक्रिया के दौरान क्रू से मामूली रूप से पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन हो गया।
डीजीसीए ने क्या कहा?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने स्पष्ट किया कि रडार वेक्टरिंग के दौरान विमान के संक्षिप्त समय के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में दाखिल होते ही इस पूरे मामले को पाकिस्तान एटीसी अधिकारियों के साथ तुरंत समन्वित किया गया था। इस घटनाक्रम के बाद विमान को अंततः वापस दिल्ली के लिए डायवर्ट कर दिया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई। फिलहाल एयर इंडिया और नियामक अधिकारियों द्वारा इस मामले की आंतरिक व गहन जांच की जा रही है। बयान में कहा गया, "इस घटना की सूचना नियामक अधिकारियों को दे दी गई है और इसकी आंतरिक जांच जारी है। एयर इंडिया में यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारतीय पंजीकरण वाले विमानों के लिए बंद
वर्तमान में पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारतीय पंजीकरण वाले, भारतीय स्वामित्व वाले या भारतीय कंपनियों द्वारा लीज पर लिए गए सभी विमानों के लिए बंद है, जिसमें नागरिक और सैन्य दोनों प्रकार के विमान शामिल हैं। यह प्रतिबंध अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले और उसके बाद बढ़े सीमा तनाव के बाद लगाया गया था। तब से पाकिस्तान हर महीने इस प्रतिबंध को बढ़ाता आ रहा है। वहीं भारत ने भी जवाबी कार्रवाई के तहत पाकिस्तानी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर रखा है। इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान ने भारतीय नागरिक और सैन्य विमानों पर हवाई प्रतिबंध को 24 जुलाई तक बढ़ा दिया था। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया था, "भारतीय नागरिक और सैन्य विमानों पर प्रतिबंध 16 जून शाम 5:50 बजे से 24 जुलाई सुबह 4:59 बजे तक प्रभावी रहेगा।"
उड़ानों के लिए लंबे वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ रहे
इस प्रतिबंध के कारण एयर इंडिया और इंडिगो जैसी भारतीय एयरलाइनों को यूरोप, मध्य एशिया और उत्तरी अमेरिका जाने वाली उड़ानों के लिए लंबे वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं। सीधे उत्तरी मार्ग का उपयोग न कर पाने के कारण पश्चिम और उत्तर दिशा की उड़ानों को अब अरब सागर के ऊपर से होकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ओमान या अन्य वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ता है। लंबे मार्गों के कारण विमानों को अधिक ईंधन लेकर उड़ान भरनी पड़ती है, जिससे यात्रियों या कार्गो ले जाने की क्षमता प्रभावित होती है।
इन अतिरिक्त मार्गों की वजह से एयरलाइनों पर करोड़ों रुपए का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है और इसका असर भविष्य में हवाई किराए पर भी दिखाई दे सकता है। पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भारतीय एयरलाइनों को समय-समय पर अल्माटी और ताशकंद जैसे मध्य एशियाई शहरों के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित भी करनी पड़ी हैं।
