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तवांग सेक्टर में पुख्ता है सेना की तैयारी, 2 दिनों तक आसमान में गरजेंगे राफेल, सुखोई और अपाचे

  • Produced by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलWritten by: आलोक कुमार राव
  • Updated Dec 15, 2022, 08:05 AM IST

IAF military exercise : तवांग के इस वीडियो में भारतीय सेना के जवानों को क्विक रिएक्शन ट्रेनिंग दी जा रही है। बुमला में भारत और चीन बॉर्डर पर सेना लगातार अभ्यास करती रहती है। इस खास ट्रेनिंग में भारतीय सेना के जवान आक्रामक मुद्रा में घातक हमले की तैयारी करते हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  1. तवांग सेक्टर के यांग्त्सी में गत नौ दिसंबर को चीनी सेना पीएलए भारतीय सीमा में दाखिल हुई
  2. तभी उनका सामना भारतीय जवानों के साथ हुआ, इस झड़प में चीन के कई सैनिक जख्मी हुए
  3. भारतीय जवानों ने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए उन्हें पीछे धकेला, भारतीय जवान भी घायल हुए

IAF military exercise : वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC)पर चीन कभी भी अपनी चालबाजी दिखा देता है। गत नौ दिसंबर को तवांग सेक्टर के यांग्त्से में पीएलए के साथ हुई झड़प इसी बात को दर्शाती है। चीन के इन दुस्साहसिक करतूतों का सामना और उसका माकूल जवाब देने के लिए भारतीय सेना के जवान हमेशा तत्पर रहते हैं। किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए उन्हें हर तरह का प्रशिक्षण मिला हुआ है। वे समय-समय पर अपनी इस काबिलियत और हुनर को निखारते भी रहते हैं। सेना की तैयारियों का एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है जिसमें उन्हें दुश्मन को धूल चटाने की एक खास तरह की ट्रेनिंग दी जा रही है।

कुछ दिनों पहले का है तैयारी का यह वीडियो

तवांग के इस वीडियो में भारतीय सेना के जवानों को क्विक रिएक्शन ट्रेनिंग दी जा रही है। बुमला में भारत और चीन बॉर्डर पर सेना लगातार अभ्यास करती रहती है। इस खास ट्रेनिंग में भारतीय सेना के जवान आक्रामक मुद्रा में घातक हमले की तैयारी करते हैं। यह वीडियो कुछ वक्त पहले का है लेकिन यह वीडियो उसी तवांग सेक्टर में भारतीय सेना की तैयारियों को दिखाता है जहां 9 दिसंबर को पीएलए के सैनिकों को खदेड़ा गया था। इसमें इस ट्रेनिंग में दिखाया जा रहा है कि कैसे युद्ध की स्थिति में भारतीय सेना के सभी रेजिमेंट एक साथ मिलकर युद्ध को अंजाम दे सकते हैं और पेट्रोलिंग के दौरान चीन की सेना से मुठभेड़ होने पर कैसे उन्हें टक्कर दी जाती है।

इस तरह की ट्रेनिंग से भारतीय सेना के जवान 17000 फीट की ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन और माइनस 20 डिग्री ठंड होने के बावजूद डटे रहते हैं। इस खास तरह की ट्रेनिंग को अरुणाचल प्रदेश के एलएसी वाले इलाके के लिए डिजाइन किया गया है।

ईस्टर्न सेक्टर में भारतीय वायु सेना का बड़ा अभ्यास आज से

अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर 15 दिसंबर से भारतीय वायु सेना के फाइटर जेट गर्जना भरेंगे। दो दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण अभ्यास में

रफाल, सुखोई, अपाचे, यूएवी शामिल होंगे। भारतीय वायुसेना का यह कमान लेवल का अभ्यास है। इसके साथ ही तेजपुर, जोरहाट, छाबुआ और हाशिमारा एयर बेस एक्टिवेट हो जाएंगे। यह एक्सरसाइज फॉरवर्ड एरियाज में एडवांस लैंडिंग ग्राउंड पर होगी। इस प्रशिक्षण अभ्यास के जरिए वायु सेना चीन के मौर्चे पर अपनी क्षमताओं, काबिलियत एवं तैयारियों को परखेगी। चीन की नौ दिसंबर की हिमाकत को देखते हुए पूर्वी सेक्टर में सेना एवं वायु सेना अलर्ड मोड में हैं। वे एलएसी पर चीनी सेना की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

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