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Ahmedabad Plane Crash: DNA मिलान के बाद परिजनों को दिए जा रहे शव, मुफ्त एंबुलेंस से लेकर फ्लाइट तक की व्यवस्था

Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अनुसार, अब तक नौ डीएनए सैंपलों का मिलान सफलतापूर्वक किया जा चुका है, और एक शव को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। बाकी सैंपलों के मिलान की प्रक्रिया चल रही है।

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एयर इंडिया का प्लेन अहमदाबाद में हुआ था क्रैश

Photo : AP

Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मारे गए लोगों के शवों को उनके परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया जारी है। डीएनए से मैच होने के बाद मृतकों के शव, परिजनों को सौंपे जा रही है। डीएनए जांच के कारण, शवों को सौंपने में देरी हो रही है।

250 से अधिक डॉक्टरों की टीम संभाल रखी है मोर्चा

अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया विमान हादसे के बाद शहर के सिविल अस्पताल में पीड़ितों के परिजनों की सहायता के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने शनिवार को बताया कि मृतकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, और राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए हरसंभव सहायता सुनिश्चित की है। डॉ. जोशी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल में 250 से अधिक डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वयंसेवकों की टीम ने तत्परता से मोर्चा संभाला। घायल यात्रियों को तत्काल इलाज मुहैया कराया गया, जिससे कई जिंदगियों को बचाया जा सका। स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए घायलों का समय पर उपचार सुनिश्चित किया गया। साथ ही, मृतकों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल मिलान का कार्य फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से किया जा रहा है।

पीड़ित परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर

सिविल अस्पताल द्वारा परिजनों को पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जाएगा। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने सहायता के लिए 10 विशेष नंबर जारी किए हैं - 9429915911, 9429916096, 9429916118, 9429916378, 9429916608, 9429916622, 9429916682, 9429916758, 9429916771, और 9429916875 शामिल हैं।

शव लेने के लिए ये कागजात जरूरी

शव लेने आने वाले परिजनों को मृतक के निकटतम परिजन का आधार कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र (मूल), मृतक का पहचान प्रमाण जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट या वोटर आईडी (मूल या प्रति), रिश्ते का प्रमाण जैसे जन्म प्रमाण पत्र या विवाह प्रमाण पत्र और डीएनए सैंपल रजिस्ट्रेशन का मोबाइल नंबर साथ लाना होगा। यदि कोई अन्य व्यक्ति शव लेने आता है, तो प्राधिकरण पत्र अनिवार्य होगा। सिविल अस्पताल शव के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाणपत्र और सभी कानूनी दस्तावेजों की फाइल तैयार कर परिजनों को सौंपेगा। यदि परिजन के पास पहचान या रिश्ते का दस्तावेज नहीं है, तो उन्हें क्षेत्रीय मामलतदार, कलेक्टर या प्रांतीय अधिकारी से मार्गदर्शन लेना होगा। परिजनों को अस्पताल के डी2 ब्लॉक स्थित कंट्रोल रूम में व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना होगा, और किसी असुविधा की स्थिति में जिस नंबर से कॉल आई थी उसी पर फोन करके सहायता ली जा सकती है।

एंबुलेंस से लेकर प्लेन तक की सुविधा

शव को सड़क मार्ग से ले जाने के लिए सरकार द्वारा निःशुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध है, जबकि हवाई मार्ग से अन्य राज्यों या विदेश ले जाने के लिए परिजनों को एयर इंडिया के साथ पूर्व समन्वय करना होगा, जो इस प्रक्रिया में सहयोग करेगी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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