देश

अहमदाबाद प्लेन क्रैश: Black Box से सामने आएगी अहमदाबाद विमान हादसे की वजह, जानें क्या होता है ब्लैक बॉक्स

Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में एअर इंडिया का विमान एआई-171 क्रैश हुआ है। हादसे की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है। बचाव दल प्लेन के ब्लैक बॉक्स को खोजने में लगे हुए है, ताकि हादसे की असली वजह का पता लगा सके। आइए जानते है कि आखिर ब्लैक बॉक्स क्या होता है...

Image

Black Box से सामने आएगी अहमदाबाद विमान हादसे की असल वजह

Photo : Twitter

Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में एअर इंडिया का विमान एआई-171 क्रैश हुआ है। ताजा जानकारी के अनुसार, DGCA ने एक बयान जारी कर बताया है कि लंदन के लिए उड़ान भरने के बाद अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होने से कुछ मिनट पहले मेडे कॉल जारी किया गया था। बता दें, प्लेन में पायलट और क्रू समेत कुल 242 यात्री सवार थे। हादसे की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है। बचाव दल प्लेन के ब्लैक बॉक्स को खोजने में लगे हुए है, ताकि हादसे की असली वजह का पता लगा सके।

जानें क्या होता है ब्लैक बॉक्स

Black Box

Black Box

ब्लैक बॉक्स एक प्रकार की डिवाइस होती है जो दो प्रकार की मशीनों से मिलकर बनी होती है। ब्लैक बॉक्स उड़ान से जुड़ी जरूरी गतिविधियों को रिकॉर्ड करता हैं। FDR- फ्लाइट डाटा रिसर्च। इस डिवाइस में प्लेन की रफ्तार, ऊंचाई, इंजन की स्थिति, फ्लाइट का रूट, पायलट द्वारा होने वाली गतिविधियों जैसी तकनीकी जानकारी शामिल होती हैं। वहीं दूसरा डिवाइस का नाम, CVR- कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर होता है। इसमें लगे कॉकपिट में पायलट और को पायलट के बीच हुई बातचीत, अलार्म साउंड और अन्य जरूरी ऑडियो सबूत होते हैं, जिनसे पता लगाया जा सकता है कि एक्सीडेंट के आखिरी समय में क्या बातचीत हुई थी। CVR और FDR ही वो डिवाइस होते हैं, जो प्लेन के हादसे से पहले की सूचनाओं को एकत्र कर लेते हैं। इसकी मदद से एक्सपर्ट पता लगाते हैं कि प्लेन के साथ कोई तकनीकी समस्या पैदा हुई या फिर मानवीय गलती की वजह से हादसा हुआ है।

बीकन सिग्नल की मदद से खोजा जाता है ब्लैक बॉक्स

ब्लैक बॉक्स (Black Box) को प्लेन में एक खास और बेहद सुरक्षित जगह पर लगाया जाता है ताकि हादसे के बाद भी इसे सुरक्षित रखा जा सके। इसे आग और पानी से बचाए रखने वाली तकनीक से लैस किया जाता है। इसे खोजने के लिए एक खास तरह के सिग्नल का प्रयोग किया जाता है, जिसे बीकन सिग्नल कहते हैं। इस बीकन सिग्नल से ही से ही ब्लैक बॉक्स का पता लगाया जाता है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article