अहमदाबाद में 34 साल पुराने हत्या के एक मामले ने सनसनी फैला दी है। 1992 में कथित तौर पर एक युवती की हत्या का मामला अब बेहद चौंकाने वाले तरीके से फिर से सामने आया है। इस मामले में आरोपी ने मृतका के शव को अपने ही घर के अंदर बने कुएं में छिपाकर ठिकाने लगा दिया था, जिससे यह अपराध लंबे समय तक छुपा रहा। मामले में अहम मोड़ तब आया, जब आरोपी के परिवार के सदस्यों ने मृतका के बार-बार “आभास” होने की बात कही। लगातार हो रही इन घटनाओं से परिवार में डर और मानसिक तनाव का माहौल बन गया। इस भय से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने तांत्रिक विधियों और उपायों का सहारा लिया, इसी दौरान कुछ ऐसी जानकारी सामने आई जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
इसके बाद यह मामला पुलिस तक पहुंचा। क्राइम ब्रांच ने इस इनपुट के आधार पर वटवा के कुतुबनगर चौक इलाके में कार्रवाई शुरू की। परिवारीनों की इस संभावना के बाद क्राइम ब्रांच की टीम वटवा के कुतुबनगर चौक इलाके में पहुंची और जेसीबी मशीन से खुदाई शुरू करवाई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर शव को घर के भीतर बने कुएं में छिपा दिया था। शुरुआती खुदाई में कुछ छोटे हड्डियों जैसे अवशेष मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही होगी।
शमसुद्दीन की गर्लफ्रेंड थी शबनम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतका की पहचान शबनम के रूप में होने की आशंका है,जिसे आरोपी शमसुद्दीन की गर्लफ्रेंड बताया जा रहा है। दावा है कि हत्या के बाद शव को कुएं में फेंक दिया गया था और मामला वर्षों तक दबा रहा।
सुलझ सकती है मर्डर मिस्ट्री
इस केस में नया मोड़ तब आया जब आरोपी परिवार के लोगों ने मृतका के “दिखने” और अजीब घटनाओं का दावा किया। डर के चलते उन्होंने तांत्रिक उपायों का सहारा लिया, इसी दौरान यह राज बाहर आया। फिलहाल पुलिस मौके से मिले अवशेषों को एफएसएल भेजने की तैयारी में है। यदि हड्डियां मानव अवशेष साबित होती हैं, तो 34 साल पुराने इस मर्डर केस की गुत्थी सुलझ सकती है।
