Ahmedabad-Dholera Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के प्रारंभिक खंड पर फरवरी माह से वाहन फर्राटा भरने लगे हैं, इस साल के अंत तक पूरी तरह एक्सप्रेसवे के शुरू होने की संभावना है। इस एक्सप्रेसवे के बाद जल्द ही देश में एक और बड़ा एक्सप्रेसवे शुरू होने वाला है। जनवरी 2024 तक अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे वाहन चालकों के लिए खुल जाएगा। यह 109 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट साल 2021 में शुरू हुआ था और फरवरी 2023 तक इसका 30 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। यह एक्प्रेसवे अहमदाबाद को ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी धोलेरा से जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे कई मामलों में बेहद खास एक्सप्रेस-वे होने वाला है। इस एक्सप्रेसवे की पूरी चौड़ाई 120 मीटर होगी। इसके 90 मीटर हिस्से पर वाहन दौड़ेंगे और 30 मीटर हिस्से पर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के तहत भविष्य में हाई स्पीड रैपिड रेल दौड़ेगी।
बता दें कि धोलेरा को देश के पहले ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस शहर को परिवहन के सभी साधनों को विकसित किया जा रहा है। इसे बंदरगाह, सड़कों, मेट्रो और हवाई अड्डे से जोड़ा जाएगा। इस डेवलपमेंट में अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे काफी अहम भूमिका निभाएगा। यह एक्सप्रेसवे अहमदाबाद और धोलेरा के बीच तेज रफ्तार कनेक्टिविटी देने के साथ उद्योगिक विकास को भी गति देगा। इसके शुरू होने के बाद अहमदाबाद से धोलेरा मात्र एक घंटे में पहुंचा जा सकेगा। अभी दूसरे रास्तों से इस दूरी को तय करने में दो से सवा दो घंटे तक का समय लग जाता है।
4200 करोड़ रुपये होंगे खर्च
बता दें कि, अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे परियोजना की कुल लागत 4200 करोड़ रुपये है। एक्सप्रेसवे को बनाने के लिए अहमदाबाद के क्षेत्र में लगभग 20 लाख मीट्रिक टन ठोस अपशिष्ट और ताप विद्युत संयंत्रों से निकले 25 लाख मीट्रिक टन राख का उपयोग किया जा रहा है। इस हाई स्पीड मल्टी मॉडल कॉरिडोर के निर्माण से न केवल अहमदाबाद और धोलेरा के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि गुजरात के औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगा। धोलेरा अब दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा भी बन चुका है। इसलिए यह शहर निवेशकों का खूब लुभा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेस-वे तैयार होने के बाद देश के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।
