देश

बंगाल में निजाम बदलते ही बदल गया माहौल, इस बार सावन में कांवड़ियों पर होगी हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा, सुवेंदु सरकार कर रही विशेष इंतजाम

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि शेउड़ाफुली से तारकेश्वर धाम तक कांवड़ यात्रा मार्ग पर हर पांच किलोमीटर की दूरी पर सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं को पीने का पानी,ओआरएस, प्राथमिक उपचार और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

Image

सुवेंदु अधिकारी।

पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद से माहौल बदलता दिख रहा है। इस बार वहां सुवेंदु सरकार ने पवित्र सावन माह और रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को घोषणा की कि सावन के पवित्र महीने में हर सोमवार को कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की जाएगी।

राज्य सचिवालय नबान्न में रथ यात्रा और श्रावण मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित समन्वय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने ये एलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक आयोजनों को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ा विषय मानती है।

हर पांच किलोमीटर पर बनेंगे सेवा केंद्र

मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि शेउड़ाफुली से तारकेश्वर धाम तक कांवड़ यात्रा मार्ग पर हर पांच किलोमीटर की दूरी पर सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं को पीने का पानी,ओआरएस, प्राथमिक उपचार और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि श्रावण मेले के दौरान अन्य प्रमुख मार्गों पर भी इसी तरह के सेवा केंद्र बनाए जाएंगे ताकि कंधों पर पवित्र जल लेकर लंबी दूरी तय करने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

तारकेश्वर समेत तीन प्रमुख तीर्थ स्थलों पर विशेष फोकस

सरकार ने तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों को विशेष विकास योजना के लिए चिन्हित किया है। इनमें हुगली का तारकेश्वर धाम,जलपाईगुड़ी जिले का जलपेश मंदिर और भूटान सीमा के पास जयंती क्षेत्र स्थित मंदिर शामिल हैं।

इन स्थानों पर पुलिस सहायता शिविर,अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस और श्रद्धालुओं के लिए विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अकेले तारकेश्वर धाम के विकास कार्यों पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

रथ यात्रा समितियों को मिलेगा सरकारी अनुदान

साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार ने इस वर्ष रथ यात्रा उत्सव को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए राज्य की 60 रथ यात्रा समितियों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

इसके अलावा राज्य भर में लगने वाले 75 पारंपरिक रथ यात्रा मेलों में श्रद्धालुओं की सहायता के लिए विशेष सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना होगा।

'विकास भी, विरासत भी' के विजन का जिक्र

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकास भी, विरासत भी' के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारें केवल सुरक्षा व्यवस्था तक ही सीमित रहती थीं, जबकि उनकी सरकार धार्मिक आयोजनों से जुड़े बुनियादी ढांचे और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी ध्यान दे रही है।

तीर्थ सर्किट विकसित करने की तैयारी

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को जोड़ने के लिए एक "तीर्थ सर्किट" विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए राज्य बजट में भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के तहत लाया गया है ताकि तीर्थ यात्रियों और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

विवेकानंद की जन्मस्थली के लिए भी विशेष कोष

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि स्वामी विवेकानंद की जन्मस्थली सिमला स्ट्रीट के संरक्षण और विकास के लिए पांच करोड़ रुपये के स्थायी कोष को मंजूरी दी गई है।उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजनों का प्रबंधन करना नहीं, बल्कि राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना भी है।

Shiv Shukla
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

End of Article