Atique Ahmed Shootout: 15 अप्रैल को अतीक और अशरफ की हत्या प्रयागराज में तीन बदमाशों ने की। हत्या के पीछे की वजह तलाशने के लिए एसआईटी बनाई गई है जो जांच को आगे बढ़ा रही है। लेकिन इन सबके बीच करीब 1000 फोन बंद आ रहे हैं जो अतीक अहमद के गैंग से जुड़े हो सकते हैं। 24 मार्च को उमेश पाल की हत्या के बाद एसटीएफ ने सैकड़ों की संख्या में फोन को सर्विलांस पर लगा रखा था। लेकिन 15 अप्रैल को अतीक और अशरफ की हत्या के बाद इन नंबरों के बंद होने से एसटीएफ भी हैरान है। अब सवाल यह है कि आखिर इसके पीछे क्या वजह हो सकती है। जानकार इसके लिए दो वजहों को जिम्मेदार बता रहे हैं।
फोन बंद होने के पीछे की वजह
फोन के बंद होने के पीछे एक वजह यह है कि जिस तरह से पुलिस कार्रवाई कर रही है उसकी वजह से अतीक के जो खैरख्वाह हैं उनमें डर बैठ गया है तो दूसरी तरफ यह कहा जा रहा है कि अब अतीक और अशरफ के ना होने के बाद उससे जुड़े शूटर्स और संबंधियों को लगता है कि अब आखिर उनसे किसी तरह का फायदा नहीं मिलने वाला है लिहाजा उन्होंने मुंह मोड़ लिया। अब फोन बंद होने के बाद पुलिस के सामने चुनौती यह है कि वो इन्हीं नंबरों के जरिए गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। इन सबके बीच 15 अप्रैल से 18 अप्रैल के बीच प्रयागराज और वाराणसी के बीच आने जाने वाले ट्रकों पर भी नजर रखी जा रही है।
