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आपके बिना शर्त वाले प्यार ने मेरी रक्षा की- इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी ने वायनाड के लोगों के लिए लिखी इमोशनल चिट्ठी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वायनाड से इस्तीफा देकर रायबरेली से सांसद बने रहना पसंद किया है। राहुल गांधी वायनाड से इस्तीफा दे चुका हैं और प्रियंका गांधी वायनाड से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं।

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राहुल गांधी ने वायनाड के लोगों के लिए लिखी चिट्ठी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी वायनाड से सांसदी छोड़ चुके हैं। वायनाड से वो दो बार जीत चुके हैं। राहुल की जगह अब प्रियंका गांधी वायनाड से चुनाव लड़ने जा रही हैं। इसी बीच अब राहुल गांधी ने वायनाड के लोगों के नाम चिट्ठी लिखी है। यह इमोशनल चिट्ठी लिखते हुए राहुल गांधी ने वायनाड के लोगों को उनका साथ देने के लिए धन्यवाद किया है।

वायनाड के लोगों के नाम राहुल गांधी की चिट्ठी

राहुल गांधी ने अपनी चिट्ठी में लिखा- "वायनाड के प्यारे बहनों और भाइयों, मुझे उम्मीद है कि आप ठीक होंगे। जब मैं मीडिया के सामने आपको अपने फैसले के बारे में बताने के लिए खड़ा था तब आपने मेरी आंखों में उदासी देखी होगी। तो, मैं दुखी क्यों हूं? मैं आपसे पांच साल पहले मिला था। पहली बार जब मैं आपसे मिलने आया था, तो मैं आपका समर्थन मांगने आया था। मैं आपके लिए एक अजनबी था और फिर भी आपने मुझ पर विश्वास किया। आपने मुझे बेपनाह प्यार और स्नेह से गले लगाया। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस राजनीतिक दल का समर्थन करते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस समुदाय से हैं या आप किस धर्म को मानते हैं या आप कौन सी भाषा बोलते हैं।"

राहुल गांधी ने वायनाड में मिले प्यार को किया याद

राहुल गांधी ने चिट्ठी में आगे लिखा- "जब मुझे दिन-ब-दिन दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा, तो आपके बिना शर्त वाले प्यार ने मेरी रक्षा की। आप लोग मेरी शरण, मेरा घर और मेरा परिवार थे। मुझे कभी एक पल के लिए भी ऐसा नहीं लगा कि आपको मुझ पर शक है। मैंने बाढ़ के दौरान जो कुछ भी देखा, उसे कभी नहीं भूलंगा। लोगों ने परिवार और बहुत कुछ खो दिया। जीवन, संपत्ति, दोस्त सब चले गए और फिर भी आप में से किसी ने, यहां तक कि सबसे छोटे बच्चे ने भी अपनी गरिमा नहीं खोई। मुझे याद रहेगा, आपने मुझे जो अनगिनत फूल दिए और मुझे गले लगाए। हर किसी ने इतने सच्चे प्यार और कोमलता से साथ दिया। मैं कैसे भूल सकता हूं, वह बहादुरी, खूबसूरती और आत्मविश्वास जिसके साथ लड़कियां हज़ारों लोगों के सामने मेरे भाषणों का अनुवाद करती थी। संसद में आपकी आवाज बनना वाकई खुशी और सम्मान की बात थी। मैं दुखी हूं, लेकिन मुझे तसल्ली है क्योंकि मेरी बहन प्रियंका आपका प्रतिनिधित्व करने के लिए वहां होंगी। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर आप उन्हें मौका देते हैं तो वह आपकी सांसद के तौर पर बेहतरीन काम करेंगी।"

रायबरेली को भी किया याद

उन्होंने आगे लिखा, "मैं इसलिए भी तसल्ली महसूस कर रहा हूं क्योंकि रायबरेली के लोगों में मेरा एक प्यारा परिवार है और एक ऐसा रिश्ता है, जिसे मैं बहुत संजोकर रखता हूं। वायनाड और रायबरेली के लोगों के लिए मेरी मुख्य प्रतिबद्धता यह है कि हम देश में फैलाई जा रही नफरत और हिंसा से लड़ेंगे और उसे हराएंगे। आपने मेरे लिए जो किया है, उसके लिए मैं आपका शुक्रिया अदा नहीं कर सकता। आपके प्यार और सुरक्षा की मुझे सबसे ज्यादा ज्यादा जरूरत थी। आप मेरे परिवार का हिस्सा हैं और मैं हमेशा आप सभी के लिए मौजूद रहूंगा। बहुत-बहुत शुक्रिया।"

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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