पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में टीएमसी को मिली हार के बाद अभिषेक बनर्जी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही। सिलीगुड़ी में एक स्थानीय व्यवसायी संजय कुमार सिंघल ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पुलिस के साइबर सेल में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता व्यवसायी का आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने बेहद भड़काऊ और कानून के खिलाफ बयानबाजी की थी, जिससे आम जनता के बीच डर का माहौल पैदा हुआ।
अमित शाह को दी थी खुली चुनौती
मीडिया से बातचीत करते हुए व्यवसायी संजय कुमार सिंघल ने अभिषेक बनर्जी के बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, "एक सांसद होकर कोई कानून कैसे तोड़ सकता है? अभिषेक बनर्जी ने 4 मई को दिए अपने भाषण में देश के केंद्रीय गृह मंत्री का नाम घसीटा। कोई व्यक्ति खुद को इतना शक्तिशाली कैसे समझ सकता है कि वह देश के गृह मंत्री को सरेआम चुनौती देने लगे? चुनाव आयोग की जिम्मेदारी भयमुक्त चुनाव कराने की होती है, लेकिन अगर कोई गृह मंत्री को चुनौती दे रहा हो, तो स्थानीय जनता तो डर से कांप रही होगी।"
'जनता को गोली मारने की धमकी'
शिकायतकर्ता ने चुनाव प्रचार के दौरान टीएमसी नेता द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर सवाल उठाते हुए कुछ मुख्य बयानों का हवाला दिया। सिंघल के मुताबिक अभिषेक बनर्जी ने कहा था, 'मैं डीजे इतनी जोर से बजाऊंगा कि कान के पर्दे फट जाएंगे।' अभिषेक बनर्जी ने अपने भाषण में कहा था कि 'पिछली बार हम उदार थे, लेकिन इस बार हम ढील नहीं देंगे।' इस पर व्यवसायी ने सवाल उठाया कि "अगर आप ढील नहीं देंगे, तो क्या इसका मतलब यह है कि आप जनता पर गोलियां चलाएंगे?"
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ इस कानूनी कदम को उठाने के पीछे का मकसद साफ करते हुए संजय कुमार सिंघल ने कहा, "मेरा उद्देश्य किसी को परेशान करना या किसी पर झूठे आरोप लगाना नहीं है। मेरा एकमात्र मकसद यह साबित करना है कि देश में कानून सर्वोपरि है। अक्सर कहा जाता है कि कानून सबके लिए बराबर है; मैं बस यह देखना चाहता हूँ कि क्या वास्तव में ऐसा है। अगर इस शिकायत के बाद भी अदालत या प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने में विफल रहता है, तो यह साबित हो जाएगा कि कानून के समक्ष समानता की धारणा महज एक भ्रम है।" व्यवसायी ने राज्य की राजनीतिक स्थिति और चुनावी नतीजों पर बात करते हुए तृणमूल कांग्रेस के 'अहंकार' पर तीखा हमला बोला।
'पता नहीं अगर टीएमसी जीत जाती तो क्या होता'
उन्होंने कहा, "अभिषेक बनर्जी बेहद भड़काऊ बयान दे रहे थे। साल 2021 के चुनाव के बाद हुई हिंसा को याद करके आज भी रूह कांप जाती है। जिस तरह की बयानबाजी ये लोग कर रहे थे, अगर ये लोग (TMC) चुनाव जीत जाते, तो शायद साल 2026 तक मैं शिकायत दर्ज कराने की स्थिति में भी नहीं बचता। लेकिन अब जनता में वह भरोसा कायम हुआ है। हालांकि सुवेंदु (अधिकारी) की सरकार ने चुनाव बाद की हिंसा को काफी हद तक नियंत्रित करने में सफलता पाई है, लेकिन आपको यह मानना होगा कि जनता के आक्रोश को काबू करना किसी के बस में नहीं होता।"
