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जेल में ही बनेगा अरविंद केजरीवाल का दफ्तर? Delhi CM पद पर बने रहने के लिए कोर्ट जाएगी AAP

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 24, 2024, 09:13 AM IST

Arvind Kejriwal Latest News Hindi: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि अगर अरविंद केजरीवाल को जेल भेजा जाता है, तो पार्टी जेल में ही अपना कार्यालय स्थापित करने की अनुमति के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी, जिससे दिल्ली की सरकार जेल से ही चल सके। बता दें, केजरीवाल के इस्तीफे की मांग तेज होती जा रही है।

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क्या जेल से ही चलेगी अरविंद केजरीवाल की सरकार?

Photo : Times Now Digital

Arvind Kejriwal Latest News: अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली सीएम पद से उनके इस्तीफे की मांग तेज होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इसको लेकर प्रदर्शन कर रही है तो आम आदमी पार्टी (AAP) भी अड़ी हुई है। इस बीच खबर है कि अरविंद केजरीवाल जेल से ही सीएम दफ्तर चलाने के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के नेता व पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसके संकेत दिए हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल को जेल भेजा जाता है, तो पार्टी जेल में ही अपना कार्यालय स्थापित करने की अनुमति के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी, जिससे दिल्ली की सरकार जेल से ही चल सके। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी में केजरीवाल की जगह कोई नहीं ले सकता।

दोषी साबित होने तक जेल से काम करने का अधिकार

भगवंत मान ने कहा कि संविधान में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि कोई सरकार जेल से नहीं चल सकती।अगर उन्हें जेल भेजा जाता है तो उनकी सरकार जेल से ही चलेगी। उन्होंने कहा, कानून कहता है कि दोषी पाए जाने तक वह जेल से काम कर सकता है। इसलिए हम जेल में कार्यालय स्थापित करने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और उनसे इसकी अनुमति मांगेंगे। मान ने कहा, पार्टी में नंबर दो के सवाल पर कहा कि आप में कोई रैंकिंग नहीं है। हर कोई केजरीवाल का वफादार सिपाही है। पंजाब में मेरे 92 विधायक हैं। इनमें से 28-30 साल की उम्र के 80 पहली बार विधायक, मंत्री बने हैं। इसलिए, AAP में जनरलों और सैनिकों की कोई रैंकिंग नहीं है। हम सभी जनरल और सैनिक हैं।

केजरीवाल की याचिका पर 27 मार्च को सुनवाई

उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी द्वारा गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर याचिका पर शनिवार को तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट याचिका पर होली के बाद 27 मार्च को सुनवाई करेगी। दरअसल, केजरीवाल की कानूनी टीम ने तत्काल सुनवाई की मांग की थी। दिल्ली के सीएम ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि उनकी गिरफ्तारी और ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित रिमांड आदेश अवैध था और वह तुरंत हिरासत से रिहा होने के हकदार थे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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