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Indian Backpacker ने दिखाया ओमान का भूला हुआ गांव, 400 साल पुरानी है कहानी

अनमोल जायसवाल की ये ओमान ट्रिप सिर्फ एक ट्रैवल एक्सपीरियंस नहीं, बल्कि ओमान के पुराने इतिहास और लोकल कल्चर को करीब से देखने का मौका भी थी।

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ओमान का भूला हुआ गांव (फोटो: instagram)

आज हम आपको बताएंगे ओमान की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बसे एक ऐसे अनोखे गांव के बारे में जहां कभी सैकड़ों लोग रहा करते थे लेकिन, आज लगभग वो पूरी तरह खंडहर बन चुका है। मशहूर यूट्यूबर अनमोल जायसवाल, जिन्हें सोशल मीडिया पर Indian Backpacker के नाम से जाना जाता है ने अपने ओमान रोड ट्रिप के दौरान अल हमरा ओल्ड विलेज (Al Hamra Old Village) का दौरा किया।

कभी हजारों लोगों से गुलजार था गांव

अल हमरा ओल्ड विलेज को लेकर अलग-अलग जगहों पर इसकी उम्र करीब 400 से 600 साल तक बताई जाती है। अनमोल ने अपने वीडियो में बताया कि कभी यहां बड़ी संख्या में लोग रहते थे। लेकिन समय के साथ लोग इन पुराने घरों को छोड़कर आधुनिक इलाकों में जाने लगे।

गांव के खाली होने की एक बड़ी वजह आधुनिक सुविधाओं की कमी बताई जाती है। पानी और बिजली जैसी सुविधाएं पहले यहां बेहतर नहीं थीं। बाद में बिजली आने के बावजूद नई पीढ़ी पुराने मिट्टी के घरों की बजाय आधुनिक घरों में रहना पसंद करने लगी।

अनमोल को गाइड ने बताया कि गांव के कई घर 1997 के आसपास खाली हो गए थे। बिजली यहां इससे काफी पहले, करीब 1983 में आ चुकी थी, लेकिन लोग धीरे-धीरे यहां से दूसरी जगह शिफ्ट होते गए।

मिट्टी के घरों की अपनी अलग बनावट

गांव की सबसे खास बात यहां के पुराने घर हैं। मिट्टी और पत्थरों से बने ये मकान कई मंजिलों के होते थे। कुछ घरों में आठ से दस कमरे तक बने हुए थे। कमरों के बीच छोटी-छोटी खिड़कियां और जगह-जगह सामान रखने के लिए आले बनाए गए थे। इन घरों में प्राकृतिक रोशनी और हवा का खास ध्यान रखा जाता था। बड़ी संख्या में खिड़कियां बनाई गई थीं, ताकि बिना बिजली के भी घर के अंदर रोशनी और हवा आती रहे।

अनमोल ने यह भी बताया कि पुराने समय में यहां फर्नीचर बहुत कम हुआ करता था। लोग कारपेट पर बैठते और सोते थे। आज जिस तरह हर कमरे में सोफा, बेड और दूसरी सुविधाएं होती हैं, उस दौर के घरों में ऐसा नहीं था।

भूतिया गांव जैसी आती है वाइब

दिन के समय भी जब अनमोल इन गलियों में घूम रहे थे तो उन्हें गांव की हालत थोड़ी डरावनी लगी। चारों तरफ खाली मकान और सुनसान गलियां थीं। कई घरों की दीवारों में बड़े-बड़े छेद हो चुके थे और कुछ मकानों की छतें पूरी तरह टूट चुकी थीं।

हालांकि, अनमोल ने साफ किया कि यहां किसी युद्ध या हमले की वजह से ये तबाही नहीं हुई। लोग गांव छोड़कर चले गए और उसके बाद बारिश, तेज हवाओं और समय के असर से मिट्टी के घर धीरे-धीरे टूटते चले गए।

उन्होंने इसकी तुलना उन जगहों से भी की जहां कभी आबादी हुआ करती थी और अब सिर्फ खंडहर बचे हैं।

पुराने ओमानी घर में बना है Living Museum

अल हमरा में अनमोल ने Bait Al Safa Museum भी देखा। यह म्यूजियम खुद एक पुराने ओमानी घर के अंदर बनाया गया है। यहां करीब 400 साल पुराने घर की बनावट और ओमान की पुरानी जीवनशैली को करीब से समझने का मौका मिलता है।

म्यूजियम की टिकट करीब 3 ओमानी रियाल थी। अनमोल ने बताया कि टिकट के साथ गाइड भी मिलता है, जो पुराने समय के घरों, खाना बनाने के तरीके और ओमानी संस्कृति के बारे में जानकारी देता है।

महिलाओं के लिए बनाई गई थी खास Serving Window

पुराने ओमानी घर की एक चीज ने अनमोल का खास ध्यान खींचा। यह थी Serving Window। गाइड ने बताया कि पुराने समय में घर की महिलाएं खाना बनाकर एक खिड़की के पास रख देती थीं। घर में मौजूद पुरुष मेहमानों तक खाना पहुंचाने के लिए इसी खिड़की का इस्तेमाल किया जाता था।

महिलाएं खाना रखकर वहां से चली जाती थीं और उसके बाद खिड़की खोली जाती थी। इस तरह घर की महिलाओं की निजता भी बनी रहती थी और मेहमानों तक खाना भी पहुंच जाता था।

पैसे भी घर में ही छिपाकर रखते थे

आज की तरह उस दौर में बैंकिंग सिस्टम आम नहीं था। इसलिए लोग अपना पैसा घर में ही सुरक्षित रखते थे। अनमोल ने म्यूजियम में ऐसी जगह भी देखी जहां सामान या पैसे छिपाकर रखे जाते थे। बाहर से इसे मिट्टी से बंद कर दिया जाता था ताकि किसी को पता न चले कि अंदर कुछ रखा हुआ है।

ऊपर से दिखता है पूरा अल हमरा गांव

घर की सबसे ऊपरी मंजिल और छत पर पहुंचने के बाद अनमोल को पूरे गांव का शानदार नजारा दिखाई दिया। सामने पहाड़ थे और नीचे मिट्टी से बने पुराने घरों का पूरा इलाका नजर आ रहा था। सूरज ढलने का समय इस जगह को और खूबसूरत बना रहा था। आसपास खजूर के पेड़ और पहाड़ों के बीच बसा पुराना गांव किसी फिल्म के सेट जैसा लग रहा था।

अनमोल ने बताया कि अगर ओमान में कुछ अलग अनुभव करना है तो सिर्फ मस्कट तक सीमित रहने के बजाय Al Hamra Old Village जैसे इलाकों में जरूर जाना चाहिए। यहां आपको ओमान का पारंपरिक कल्चर ज्यादा करीब से देखने को मिलता है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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