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'आतिशी जी आपको भी जेल तो जाना ही पड़ेगा...' जेल से बाहर आते ही दिल्ली CM से ऐसा क्यों बोले सत्येंद्र जैन?

AAP Leader Satyendar Jain: सत्येंद्र जैन ने जेल से बाहर आने के बाद कहा उन्हें, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे आप नेताओं को देश में आम लोगों को राजनीति में आने से रोकने के लिए गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी केजरीवाल को बदनाम करने की कोशिश का हिस्सा थी।

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जेल से रिहा होने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते सत्येंद्र जैन।

Photo : Twitter

AAP Leader Satyendar Jain: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन शुक्रवार शाम तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। शुक्रवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी। जेल के बाहर सत्येंद्र जैन का स्वागत करने के लिए मुख्यमंत्री आतिशी के अलावा, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे कई बड़े नेता पहुंचे। इस दौरान सत्येंद्र जैन ने बाहर आते ही मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, मोहल्ला क्लीनिक और यमुना नदी की सफाई जैसी दिल्ली सरकार की परियोजनाओं को रोकने के लिए गिरफ्तार किया गया था।

सत्येंद्र जैन ने कहा उन्हें, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे आप नेताओं को देश में आम लोगों को राजनीति में आने से रोकने के लिए गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी केजरीवाल को बदनाम करने की कोशिश का हिस्सा थी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं कि सरकार आम आदमी के लिए काम करे, न कि कुछ चुनिंदा लोगों के लिए।

आतिशी जी आपको भी जेल जाना पड़ेगा

इस दौरान सत्येंद्र जैन ने मजाकिया अंदाज में कहा, आतिशी जी हार्वर्ड से पढ़कर आ गईं, लेकिन उन्हें भी जेल तो जाना ही पड़ेगा। इसके बाद आतिशी और मनीष सिसोदिया जोर से हंस पड़े। सत्येंद्र जैन ने रिहाई के बाद तिहाड़ जेल के बाहर आप नेताओं और कार्यकर्ताओं संबोधित करते हुए कहा, हम अन्याय के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और आम आदमी के लिए काम करेंगे।

2022 से जेल में थे आप नेता

बता दें, मार्च, 2022 में धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में थे। दिल्ली की एक अदालत ने सत्येंद्र जैन को धनशोधन के एक मामले में सुनवाई में देरी और लंबे समय तक जेल में रहने का हवाला देते हुए जमानत दे दी थी। आप नेता का दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी, पार्टी नेता मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और कई विधायकों तथा नेताओं ने स्वागत किया। इसके बाद सत्येंद्र जैन ने अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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