फसल की नकली कीटनाशक दवाओं पर रोक लगाने की मांग
कृषक संगठन राष्ट्रीय किसान प्रगतिशील संघ ने फसलों की नकली कीटनाशक दवाओं पर रोक लगाने की मांग की है। उसका कहना है कि इसके कारण देश में प्रति एकड़ उत्पादकता अनेक विकसित और विकासशील देशों से काफी कम है। राष्ट्रीय किसान प्रगतिशील संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिनोद आनंद ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘वर्ष 1950 से भारत की कृषि उत्पादकता छह गुना से ज्यादा बढ़ चुकी है, जो सराहनीय है लेकिन दुर्भाग्यवश, प्रति एकड़ उपज कई विकसित और विकासशील देशों से काफी कम है।’ उन्होंने किसानों के साथ छल करने वाले नकली दवा या कीटनाशक बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि 30 प्रतिशत से ज्यादा कृषि योग्य भूमि और चीन से 67 प्रतिशत ज्यादा वर्षा होने के बावजूद भारत की कृषि जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) चीन की एक तिहाई है। आनंद ने कहा कि इस कम उपज का एक मुख्य कारण घटिया किस्म के कृषि-रसायनों सहित खराब गुणवत्ता वाले कच्चे माल का इस्तेमाल है। उन्होंने कहा कि नकली कीटनाशक बाजार एक सामानांतर उद्योग बन चुका है। ये किसानों की आजीविका, उपज, फसल गुणवत्ता, आय और व्यापक तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचा रहे हैं। संघ के राष्ट्रीय महासचिव पवन तायल ने केन्द्र और राज्य सरकारों से नकली कीटनाशक और नकली फसल दवाओं के कारोबार पर मुकम्मल रोक लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाये जाने की मांग की।