देश

डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, करोड़ों की अवैध कमाई का खुलासा

Illegal Trading: जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरा नेटवर्क तकनीक के सहारे लोगों को ठग रहा था। नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाए गए थे, जिन पर निवेशकों को फर्जी मुनाफा दिखाया जाता था।

Image

करोड़ों की अवैध कमाई का खुलासा (फोटो :canva)

Illegal Trading: ईडी मुख्यालय ने डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट के खिलाफ Court में प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की है। यह गिरोह इंदौर, मुंबई, अहमदाबाद, चेन्नई और दुबई तक फैला हुआ बताया गया है।ईडी ने यह जांच इंदौर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच में यह भी सामने आया कि मुंबई के एन.एम. जोशी मार्ग थाना में पहले से दर्ज एक पुराने केस में भी इसी नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इन मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी, आईटी एक्ट और जुआ कानून से जुड़ी गंभीर धाराएं लगी हैं।

जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरा नेटवर्क तकनीक के सहारे लोगों को ठग रहा था। नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाए गए थे, जिन पर निवेशकों को फर्जी मुनाफा दिखाया जाता था। विशाल अग्निहोत्री को इस पूरे रैकेट का मुख्य संचालक बताया गया है। उसके साथ तरुण श्रीवास्तव रोजमर्रा के पैसों के लेन-देन और फर्जी खातों को संभालता था, जबकि श्रीनिवासन रामासामी ने ऐसे सर्वर तैयार किए, जिनसे ट्रेडिंग के नतीजे मनचाहे तरीके से बदले जा सकें।

धवल देवराज जैन ने LotusBook247 नाम से अवैध प्लेटफॉर्म चलाया

साथ ही, समानांतर सट्टेबाजी नेटवर्क में धवल देवराज जैन ने LotusBook247 नाम से अवैध प्लेटफॉर्म चलाया। धर्मेश राजनिकांत त्रिवेदी ने विदेश में iBull Capital नाम की कंपनी के जरिए काम संभाला और निधि चंदनानी ने दुबई के रास्ते पैसों को घुमाने और छुपाने में अहम भूमिका निभाई। जांच में पता चला कि V Money और 8Stock Height जैसे प्लेटफॉर्म किसी मान्यता प्राप्त शेयर बाजार से जुड़े ही नहीं थे, फिर भी निवेशकों को असली ट्रेडिंग का झांसा दिया जाता था।

404.46 करोड़ रुपये की अपराध की आय सामने आई

ईडी के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क से करीब 404.46 करोड़ रुपये की अपराध की आय (Proceeds of Crime) सामने आई है। इसके अलावा ईडी ने 34.26 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं, जिनमें 28.60 करोड़ की अचल संपत्ति, 3.83 करोड़ की चल संपत्ति और 1.83 करोड़ रुपये बैंक व डीमैट खातों में शामिल हैं।

आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत सख्त कार्रवाई

तलाशी के दौरान ईडी को 5.21 करोड़ रुपये नकद, 59.9 किलो चांदी, 100 ग्राम सोना, करीब 1.94 करोड़ के गहने, 4.77 करोड़ की लग्जरी घड़ियां और 0.41 करोड़ रुपये से ज्यादा की क्रिप्टोकरेंसी भी मिली है। ईडी का कहना है कि ये सभी संपत्तियां अवैध गतिविधियों से कमाई गई हैं।

अब इस मामले में कोर्ट में सुनवाई आगे बढ़ेगी और आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

और पढ़ें
End of Article