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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा; कांगपोकपी में चर्च के तीन पदाधिकारियों की हत्या, कई घायल

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले में चर्च के तीन पदाधिकारियों की मौत से पूरे राज्य में तनाव और आक्रोश का माहौल है। धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे लोगों पर घात लगाकर किए गए इस हमले में कई अन्य लोग घायल हुए, जिनका इलाज जारी है।

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मणिपुर में संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में तीन व्यक्तियों की मौत (प्रतीकात्मक फोटो)

Manipur Militant Attack: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बुधवार को संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में चर्च के तीन पदाधिकारियों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह घटना कोट्जिम और कोटलेन गांवों के बीच उस समय घटी जब थाडौ बैपटिस्ट एसोसिएशन (टीबीए) के सदस्य एक धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद चुराचांदपुर से लौट रहे थे। मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ इस तरह की "हिंसा की निरर्थक घटनाएं" मणिपुर में शांति के लिए खतरा हैं, जो 2023 से जातीय हिंसा से त्रस्त है। हत्याओं के बाद, कांगपोकपी जिले में पूर्ण बंद लागू कर दिया गया जहां कुकी बहुसंख्यक हैं।

दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया

नगा विधायकों के एक मंच और एक कुकी संगठन ने भी इन हत्याओं की निंदा की, जबकि एक मेइती समूह ने कुछ हलकों से लगाए गए उन आरोपों को खारिज किया कि इस हमले के पीछे उसका हाथ है। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध उग्रवादियों ने उन दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया, जिनमें चर्च के पदाधिकारी यात्रा कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि मृतकों में मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन के पूर्व महासचिव रेवरेंड वी. सिटलहो भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि अन्य दो मृतकों की पहचान रेवरेंड काइगौलेन और पादरी पाओगौलेन के रूप में हुई है।

मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कहा कि तीन घायलों को इलाज के लिए इंफाल के शिजा अस्पताल एवं अनुसंधान संस्थान में भर्ती कराया गया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री लोसी दिखो, गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम के साथ घायलों से मुलाकात की और उनका हालचाल लिया। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार घायलों का सभी चिकित्सा खर्च वहन करेगी और मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।" उन्होंने कहा, "हिंसा की यह घटना न केवल पीड़ितों के परिवारों के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए बेहद चिंताजनक और विनाशकारी है, क्योंकि यह शांति के हमारे मार्ग में बाधा डालती है। हमारा राज्य धीरे-धीरे शांति की ओर बढ़ रहा है; इसलिए, सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हमारे लोगों के इस सामूहिक प्रयास को कमजोर करने वाले कृत्य अस्वीकार्य हैं।"

राज्य के लोग एकजुट हैं

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज में आतंकवाद के किसी भी रूप का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य के लोग इस तरह के कृत्य के खिलाफ एकजुट हैं और इसके खिलाफ लड़ने का हमारा संकल्प अटूट है। सिंह ने समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने, संयम बरतने और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं से बचने की अपील करते हुए कहा, "आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का हमारा संकल्प अटूट है।" उन्होंने कहा, "इसके अलावा, मैंने लोगों से अपहरण, बंधक बनाने और सामुदायिक आधार पर डराने-धमकाने को तुरंत रोकने का आग्रह किया। इससे स्थिति और बिगड़ सकती है। मैं लोगों को आश्वस्त करता हूं कि हम अपराधियों और उनके सहयोगियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए राज्य के हर संसाधन का उपयोग करेंगे।"

सुरक्षित रिहाई की मांग

इस बीच, राज्य में नगा समुदाय के नौ विधायकों से मिलकर बने नगा लेजिस्लेचर्स फोरम ने एक बयान में कहा, "एक निहत्थे और शांतिप्रिय धार्मिक नेता की निर्मम हत्या का यह कृत्य अस्वीकार्य है और हम कानून प्रवर्तन एजेंसियों से आग्रह करते हैं कि वे दोषियों का जल्द से जल्द पता लगाएं और उन्हें गिरफ्तार करें।" नेताओं ने बंधक बनाये गए सभी नागरिकों, चाहे वे कुकी हों या नगा, की सुरक्षित रिहाई की भी मांग की। यह अपील तब की गई जब संदिग्ध उग्रवादियों ने कथित तौर पर कांगपोकपी जिले के लेइलोन वेइफेई के आसपास के इलाके से नगा समुदाय के कई नागरिकों को बंधक बना लिया।

कांगपोकपी जिले में पूर्णतः बंद लागू

इन हत्याओं के बाद, कांगपोकपी जिले में पूर्णतः बंद लागू कर दिया गया और आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बाजारों को बंद करने और एनएच 2 पर वाहनों की आवाजाही को बाधित करने के लिए दबाव बनाया। मेइती संगठन अरम्बाई तेंगगोल ने हमले में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया। एक बयान में, उसने अपनी संलिप्तता के आरोपों को "बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित" बताया। मणिपुर राज्य में कुकी जनजाति की सर्वोच्च संस्था, कुकी इनपी मणिपुर ने भी इस घटना की निंदा की। उसने कहा, "रेवरेंड वी. सिटलहो एक सम्मानित चर्च नेता और शांतिदूत थे, जिन्होंने हाल ही में नगालैंड जॉइंट क्रिश्चियन फोरम (एनजेसीएफ) के साथ कोहिमा में कुकी-जो और तांगखुल समुदायों के बीच शांति, सुलह और आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए शांति मिशन का नेतृत्व किया था।"

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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