श्योपुर (मप्र): मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के श्योपुर जिले में कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) में बड़े बाड़े में छोड़े जाने के 24 घंटों के भीतर दो अफ्रीकी चीतों (Cheetas) ने अपना पहला शिकार किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में चीतों को पुन: बसाने की परियोजना के तहत 17 सितंबर को नामीबिया (Namibia) से आठ चीतों को लाया गया था, जिनमें से दो चीतों को शनिवार को बड़े बाड़े में छोड़ा गया। इन्हीं दो चीतों ने यहां पहली बार शिकार किया।
प्रबंधन की चिंताएं दूर
छोटे बाड़े से बड़े बाड़ों में छोड़े जाने के बाद 24 घंटे के अंदर चीतों के सफलतापूर्वक अपना पहला शिकार करने से पार्क प्रबंधन की चिंताएं दूर हो गई हैं। मुख्य वन संरक्षक (CCF) उत्तर कुमार शर्मा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि चीतों ने या तो रविवार को या सोमवार तड़के एक चीतल का शिकार किया। उन्होंने बताया कि वन निगरानी दल को सोमवार सुबह इसकी जानकारी मिली। उन्होंने कहा, ‘चीता दो घंटे के अंदर अपने शिकार को खा जाता है।’जल्द छोड़े जाएंगे और चीते
उन्होंने कहा कि दो चीतों को शनिवार को पृथक-वास क्षेत्र से 98 हेक्टेयर में फैले बड़े बाड़े में छोड़ा गया। शेष छह चीतों को चरणबद्ध तरीके से बड़े बाड़े में छोड़ा जाएगा। चीतों को भारत में बसाने की योजना के तहत नामीबिया से 17 सितंबर को केएनपी लाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इन चीतों को बाड़ों में छोड़ा था। पांच नवंबर को इनके यहां 50 दिन पूरे हुए।
शुरुआती योजना के तहत फ्रेडी, एल्टन, सवाना, सशा, ओबान, आशा, चिबिली और साईसा नामक इन चीतों को एक महीने तक पृथकवास में रखा गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार आमतौर पर जंगली जानवरों को स्थानांतरण से पहले और बाद में एक महीने के लिए पृथकवास में रखा जाता है, ताकि वे दूसरे देश से अपने साथ लाए किसी संक्रमण को फैला न दें।
