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आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में मिलावटी दूध पीने से 12 लोगों की मौत, आठ अस्पताल में भर्ती

शुरुआती जांच से पता चला है कि कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव में स्थित वरलक्ष्मी मिल्क डेरी से 106 परिवारों को आपूर्ति किया जाने वाला दूध इसका स्रोत हो सकता है। आपूर्ति तुरंत रोक दी गई।

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मिलावटी दूध पीने से 12 की मौत (File Photo)

Photo : iStock

Milk Adulteration Deaths in Godavari: पूर्वी गोदावरी जिले में दूध में मिलावट के एक संदिग्ध मामले में बारह लोगों की मौत हो गई है, जबकि आठ अन्य लोगों का यहां के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस समूह की पहचान सबसे पहले 22 फरवरी को हुई थी, जब कई बुजुर्ग व्यक्तियों को पेशाब न आना, उल्टी, पेट दर्द और अन्य दिक्कतों के साथ अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

दूध में मिलावट की संभावना

प्रभावित लोग लालाचेरुवु के चौदेश्वरनगर और स्वरूपनगर इलाकों के निवासी थे। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, पुख्ता महामारी विज्ञान संबंधी साक्ष्य दूध में मिलावट को संभावित कारण की ओर इशारा करते हैं, और विभिन्न विभागों में समन्वित कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नैदानिक जांच में रक्त में यूरिया और सीरम क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया, जो विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने का संकेत देता है।

शुरुआती जांच से पता चला है कि कोरुकोंडा मंडल के नरसपुरम गांव में स्थित वरलक्ष्मी मिल्क डेरी से 106 परिवारों को आपूर्ति किया जाने वाला दूध इसका स्रोत हो सकता है। आपूर्ति तुरंत रोक दी गई। इलाके में आपातकालीन चिकित्सा शिविर स्थापित किये गए हैं और चिकित्सकों व विशेषज्ञों का एक दल तैनात किया गया है। डेरी से आवश्यक नमूने लिये गए हैं और संदिग्ध दूध विक्रेता अड्डाला गणेश्वरराव (33) को हिरासत में लिया गया है। डेरी को सील कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

23 फरवरी को भी हुई थी 4 मौतें

इससे पहले 23 फरवरी 2026 को भी ऐसी ही घटना सामने आई थी। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में एक अनाधिकृत विक्रेता द्वारा बेचे गए मिलावटी दूध के सेवन से पिछले 48 घंटों में चार लोगों की मौत हो गई थी। राजमहेंद्रवरम उत्तर जोन के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) वाई श्रीकांत ने पीटीआई को बताया कि शहर में एक अनाधिकृत विक्रेता द्वारा बेचे गए मिलावटी दूध के सेवन से पिछले दो दिनों में चार लोगों की मौत हो गई।

दूषित दूध के कारण गुर्दे खराब हो गए

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि दूषित दूध के कारण गुर्दे खराब हो गए, जिससे अचानक मूत्र मार्ग में रुकावट आई और मौत हो गई। सभी चारों पीड़ितों ने राजमहेंद्रवरम में घरों में दूध की आपूर्ति करने वाले एक ही स्थानीय विक्रेता से दूध खरीदा था। डीएसपी ने आगे बताया कि विक्रेता घरों में दूध वितरित करने से पहले लगभग 40 पशुओं और स्थानीय किसानों से दूध लेता था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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