TB Ke Case Kyon Badh Rahe Hain: टीबी यानी ट्यूबरकुलोसिस (Tuberculosis) आज भी भारत में तेजी से फैलने वाली बीमारियों में शामिल है। इलाज उपलब्ध होने के बावजूद हर साल इसके मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। विश्व टीबी दिवस (World TB Day) लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक करने का खास मौका देता है। कई बार हम अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं, जो टीबी के संक्रमण को बढ़ा देती हैं। जैसे लंबे समय तक खांसी को हल्के में लेना, दवा बीच में छोड़ देना या सही समय पर जांच न करवाना। जरूरी है कि हम समझें कि आखिर टीबी फैलने की असली वजह क्या है और किन बातों का ध्यान रखकर इससे बचाव किया जा सकता है।
हवा के जरिए तेजी से फैलता है टीबी संक्रमण
टीबी एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो हवा के माध्यम से फैलता है। जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या जोर से बोलता है, तो उसके मुंह से निकलने वाली छोटी-छोटी बूंदों में बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। यही बैक्टीरिया आसपास मौजूद लोगों के शरीर में सांस के जरिए पहुंच जाते हैं। खासकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर इसका खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।
दवा अधूरी छोड़ना बीमारी को बना देता है खतरनाक
टीबी का इलाज लंबा चलता है, इसलिए कई लोग कुछ हफ्तों में आराम मिलते ही दवा लेना बंद कर देते हैं। यही सबसे बड़ी गलती साबित होती है। अधूरा इलाज करने से बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं होते और दोबारा तेजी से बढ़ने लगते हैं। इससे बीमारी ज्यादा गंभीर हो सकती है और इलाज भी मुश्किल हो जाता है।
कमजोर इम्युनिटी वाले लोग जल्दी आते हैं चपेट में
जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है, उन्हें टीबी होने की संभावना ज्यादा रहती है। सही पोषण न लेना, ज्यादा तनाव, धूम्रपान या पहले से कोई बीमारी होना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है। ऐसे में टीबी के बैक्टीरिया शरीर में आसानी से सक्रिय हो जाते हैं।
लंबे समय तक खांसी को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
अगर किसी व्यक्ति को 2-3 हफ्तों से ज्यादा समय तक खांसी, हल्का बुखार, वजन कम होना या रात में ज्यादा पसीना आने जैसी परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई लोग इसे सामान्य सर्दी-खांसी समझकर टालते रहते हैं, जिससे बीमारी बढ़ती जाती है और दूसरों में फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों में ज्यादा फैलता है संक्रमण
ऐसी जगह जहां हवा का सही आना-जाना नहीं होता, वहां टीबी के बैक्टीरिया ज्यादा समय तक सक्रिय रह सकते हैं। छोटे कमरे, ज्यादा भीड़ या कम वेंटिलेशन वाले घर संक्रमण के खतरे को बढ़ा देते हैं। धूप और ताजी हवा बैक्टीरिया को कमजोर करने में मदद करती है।
जागरूकता की कमी भी बढ़ा रही है परेशानी
आज भी कई लोग टीबी को लेकर खुलकर बात नहीं करते। डर या शर्म की वजह से जांच करवाने में देर हो जाती है। सही जानकारी की कमी भी एक बड़ी वजह है, जिससे लोग समय पर इलाज नहीं करवा पाते और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, बस जरूरत है सही समय पर पहचान और पूरा इलाज करने की। अगर लंबे समय से खांसी या कमजोरी महसूस हो रही है, तो जांच जरूर करवाएं। जागरूक रहकर और सही जानकारी अपनाकर टीबी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
