हेल्थ

World Meditation Day 2025: सुबह या शाम कब मेडिटेशन करना रहता है सबसे बेस्ट? क्या कैंडल लगानी चाहिए

World Meditation Day 2025: मेडिटेशन को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। ऐसा करने से मन शांत होता है और तभी जीवन सच में स्वस्थ और खुशहाल बनता है। मेडिटेशन को लेकर सबसे बड़ा सवाल ये है कि सुबह मेडिटेशन करना बेहतर है या शाम को? इस लेख में हम इसी सवाल का आपको डिटेल में जवाब देंगे।

Image

World Meditation Day 2025

हर साल World Meditation Day लोगों को ध्यान के महत्व की याद दिलाता है। तनाव, चिंता और मानसिक थकान आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आम समस्या बन चुकी है। किसी भी तरह के मानसिक तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन एक सरल और बेहद असरदार उपाय है। मेडिटेशन ना सिर्फ मानसिक शांति देता है बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। यह दिन हमें खुद से जुड़ने के साथ ही स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाने का अवसर देता है।

सुबह मेडिटेशन करने के फायदे

कई योगाचार्य और ध्यान गुरु मानते हैं कि सुबह का समय मेडिटेशन के लिए सबसे बेस्ट टाइम होता है। इसके पीछे कई कारण हैं जैसे- प्राकृतिक वातावरण का साथ मिलता है वहीं- मन ज्यादा शांत रहता है, दिन की सकारात्मक शुरुआत, एकाग्रता और उत्पादकता भी दिन के समय मेडिटेशन करने से बढ़ती है। सुबह ध्यान करने से दिमाग तेज होता है, जिससे निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है और ऑफिस या पढ़ाई में फोकस बेहतर रहता है।

शाम मेडिटेशन करने के फायदे

अगर किसी कारण से आप सुबह मेडिटेशन नहीं कर पाते, तो शाम का समय भी मेडिटेशन के लिए चुन सकते हैं। इसके भी कई फायदे हैं जैसे- दिनभर के तनाव से राहत, मानसिक थकान होती है दूर, नींद में सुधार, भावनात्मक संतुलन।

सुबह या शाम कौन सा समय है बेस्ट

सीधे और सरल शब्दों में समझें तो मेडिटेशन का सबसे अच्छा समय वही है, जब आप नियमित रूप से इसे कर सकें। अगर आप सुबह जल्दी उठ सकते हैं तो सुबह का समय बेस्ट है। अगर आपकी दिनचर्या ऐसी है कि सुबह जल्दबाजी रहती है, तो शाम को भी मेडिटेशन कर सकते हैं। बता दें कि सुबह ऊर्जा के लिए और शाम को तनाव दूर करने के लिए कुछ लोग दिन में दो बार मेडिटेशन भी करते हैं।

मेडिटेशन के दौरान क्या लगा सकते हैं कैंडल

सुविधा, पसंद और मेडिटेशन के तरीके के आधार पर आप मेडिटेशन के दौरान कैंडल (मोमबत्ती) लगा सकते हैं। त्राटक मेडिटेशन के अनुसार कैंडल की लौ पर ध्यान केंद्रित करने से मन जल्दी शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है। ऐसा करने से शांत माहौल बनता है, सकारात्मक ऊर्जा का अहसास होता है। ध्यान दें लेकिन अगर आपको आंखों में जलन या सिरदर्द होता है, अगर आप सांस पर ध्यान कर रहे हैं तो मेडिटेशन के दौरान कैंडल का इस्तेमाल ना करें।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

और पढ़ें
End of Article