World Kidney Day 2026: हर साल मार्च महीने में World Kidney Day मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों को किडनी से जुड़ी बीमारियों के बारे में जागरूक करना है। हमारी किडनी शरीर का बेहद अहम हिस्सा होती है, जो खून को साफ करने, शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने और शरीर में पानी व मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने का काम करती है। लेकिन आजकल की बदलती जीवनशैली में कई ऐसी समस्याएं बढ़ रही हैं जो धीरे-धीरे किडनी को नुकसान पहुंचा रही हैं। इन्हीं में से एक बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर यानी हाई बीपी भी है। डॉक्टरों के मुताबिक अगर लंबे समय तक ब्लड प्रेशर ज्यादा रहता है, तो यह किडनी के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे हाई बीपी हमारी किडनी को नुकसान पहुंचाता है?
कैसे किडनी को नुकसान पहुंचाता है हाई बीपी
किडनी हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है जो हमारे खून को फिल्टर करने का काम करती हैं। किडनी के अंदर बहुत छोटी-छोटी रक्त नलिकाएं होती हैं। जब ब्लड प्रेशर बढ़ता है, तो इन ब्लड वेसल्स पर दबाव बढ़ जाता है। इसके साथ ही जब यह दवाब लंबे समय तक बना रहता है, तो ये नलिकाएं कमजोर होने लगती हैं और धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगती है। इसके अलावा कई सालों तक हाई बीपी से जूझ रहे लोगों को क्रोनिक किडनी डिजीज से भी जूझना पड़ सकता है।
कब मनाया जाता है विश्व किडनी दिवस?
हर साल मार्च महीने के दूसरे गुरुवार को वर्ल्ड किडनी डे मनाया जाता है। इस बार यह दिन 12 मार्च को पड़ रहा है। इसे मनाने का उद्देश्य किडनी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनकी रोकथाम के बारे में लोगों को शिक्षित करना है। ब्लड प्रेशर का किडनी से संबंध हमें समझाता है कि अगर ब्लड प्रेशर को समय पर कंट्रोल कर लिया जाए, तो किडनी को होने वाले बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। इसलिए आज से ही अपनी सेहत के लिए छोटे-छोटे कदम उठाएं और स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं।
क्यों बढ़ रही हाई ब्लड प्रेशर की समस्या?
आजकल लोगों की जीवनशैली में काफी तेजी से बदलाव हो रहा है। इसके अलावा खानपान में जंक फूड, ज्यादा नमक वाला खाना भी बढ गया है। इसके साथ ही बढ़ता तनाव, कम शारीरिक गतिविधि और देर रात तक जागना ये सभी चीजें मिलकर ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह से हमेशा बीपी और शुगर को समय-समय पर चेक करवाते रहना चाहिए।
