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'हंतावायरस से आम जनता को खतरा कम' चूहों से फैलने वाला Hantavirus नहीं है कोरोना जैसा, WHO ने की पुष्टि, जानें सब कुछ

अब तक दुनिया में हंतावायरस के 8 केस दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से 3 की मौत हो चुकी है। हंतावायरस के बढ़ते रिस्क के चलते WHO ने मीडिया से बातचीत की, जानें विश्व स्वास्थ्य संगठन ने क्या कहा -

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WHO Guidelines on Hantavirus Outbreak

कोरोना महामारी के बाद दुनिया में किसी भी नए वायरस की खबर लोगों को तुरंत चिंता में डाल देती है। इन दिनों Hantavirus फिर चर्चा में है, क्योंकि एक क्रूज शिप पर इसके कई मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अभी तक 8 हंतावायरस मामलों की पुष्टि की गई है। जिनमें से 5 अस्पताल में हैं और 3 की मौत हो चुकी है। WHO ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए इस वायरस को लेकर अहम जानकारी साझा की है। हालांकि WHO ने साफ कहा है कि फिलहाल आम जनता के लिए इसका खतरा कम है।

हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों और अन्य संक्रमित कृन्तकों के संपर्क से फैलता है। यह कोई नया वायरस नहीं है, लेकिन इसके गंभीर लक्षणों की वजह से लोग इसे लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे में जरूरी है कि अफवाहों के बजाय सही जानकारी पर भरोसा किया जाए। देखें WHO ने इस वायरस के बारे में क्या कहा है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

क्या है हंतावायरस?

Hantavirus एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरल संक्रमण है। जो मुख्य रूप से संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैलता है। WHO के अनुसार, यह वायरस आमतौर पर इंसानों में आसानी से नहीं फैलता। हालांकि कुछ विशेष स्ट्रेन जैसे Andes Virus में मानव-से-मानव संक्रमण की संभावना बताई गई है। जो क्रूज शिप पर दर्ज किए गए केसेस में देखने को मिला है।

हंतावायरस के लक्षण क्या हैं?

इस वायरस के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे हो सकते हैं। इनमें बुखार, थकान, सिरदर्द, शरीर दर्द, खांसी, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। गंभीर मामलों में यह फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है और मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है।

लक्षण दिखने पर होना पड़ेगा Quarantine?

हंतावायरस से बचाव के लिए संक्रमण की चेन को तोड़ना अनिवार्य है। हालिया स्थिति के अनुसार WHO ने हंतावायरस को किसी भी प्रकार के पेंडेमिक या एपिडेमिक से अलग बताया है। अगर किसी मरीज में इस प्रकार के लक्षण नजर आते हैं, तो सावधानी के लिए 6 हफ्तों तक स्थिति को मॉनिटर करना सुरक्षित माना जाता है।

मास्क पहनने की है जरूरत ?

WHO द्वारा जारी की गई गाइडलाइन्स के मुताबिक क्रूज शिप पर मौजूद लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है। खासतौर से उन लोगों को जो किसी संक्रमित की देखभाल कर रहे हैं। हंतावायरस संक्रमित के बहुत ही क्लोज कॉन्टेक्ट में आने पर ही होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साफ किया है कि, ये वायरस कोरोना या इन्फ्लूएंजा जैसा नहीं है। इसके फैलने का तरीका बिल्कुल अलग है।

कैसे करें बचाव?

घर या गोदाम जैसी जगहों की सफाई करते समय मास्क और ग्लव्स पहनें। चूहों के मल या गंदगी को सूखे में झाड़ने की बजाय पहले डिसइंफेक्टेंट से गीला करें। खाने-पीने की चीजों को ढककर रखें और आसपास सफाई बनाए रखें।

मौजूदा रिपोर्ट के अनुसार WHO ने किसी नए संक्रमित मरीज की पुष्टि नहीं की है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बात का संकेत जरूर दिया है कि, आगे आने वाले समय में हंतावायरस के कुछ और केसेस सामने आ सकते हैं।

Avni Bagrola
अवनी बागरोला author

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक... और देखें

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