World Environment Day 2026: जब भी प्रदूषण की बात होती है, तो सबसे पहले फेफड़ों और सांस संबंधी बीमारियों का जिक्र होता है। लेकिन अब हेल्थ एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि प्रदूषित हवा केवल फेफड़ों तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह दिल और दिमाग के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है। कई शोध बताते हैं कि खराब वायु गुणवत्ता हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हार्ट रोगों के जोखिम को बढ़ा सकती है। आज जब महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक वायु प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बन चुका है, यह समझना जरूरी है कि हवा में मौजूद हानिकारक कण हमारे शरीर को किस तरह प्रभावित करते हैं। आज विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जानते हैं वायु प्रदूषण का दिल पर कैसा असर होता है। कैसे बनाता है ये हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण...
कैसे होता है दिल को नुकसान
वायु प्रदूषण के कारण हवा में मौजूद सूक्ष्म कण जिन्हें पीएम 2.5 और पीएम 10 कहा जाता है, सांस के द्वारा शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं। ये कण इतने छोटे होते हैं कि फेफड़ों से होते हुए रक्त तक पहुंच सकते हैं। जब ये हानिकारक तत्व ब्लड बेसल्स में पहुंचते हैं, तो शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं। इससे रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता पर असर होता है और रक्तचाप बढ़ने लगता है। ये कंडीशन लंबे समय तक बनी रहने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है।
क्यों बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा (Air Pollution and Heart Attack)
एशियन हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर, डॉक्टर एलके झा के मुताबिक, प्रदूषित हवा शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को बढ़ावा देती है। इसके कारण धमनियों में प्लाक जमा होने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। जब रक्त प्रवाह बाधित होता है, तो हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। इसमें भी जो लोग पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा या हृदय रोग जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए वायु प्रदूषण का प्रभाव और भी अधिक गंभीर हो सकता है।
स्ट्रोक और वायु प्रदूषण का संबंध
दिल की तरह ही दिमाग को भी ठीक से काम करने के लिए लगातार ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। यदि प्रदूषण के कारण रक्त वाहिकाओं में रुकावट या क्षति होती है, तो स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि लंबे समय तक खराब वायु गुणवत्ता वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में स्ट्रोक की संभावना दूसरे लोगों की तुलना में अधिक हो सकती है। ऐसी कंडीशन में खासतौर से बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
साफ हवा है सेहत की कुंजी
हार्ट हेल्थ की बात करते समय अक्सर खानपान, व्यायाम और तनाव प्रबंधन पर जोर दिया जाता है, लेकिन स्वच्छ हवा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जी हां लगातार प्रदूषित वातावरण में रहने पर हमें हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए अपनी लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने के साथ-साथ आसपास के वातावरण पर भी ध्यान देना जरूरी है।
