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World Brain Tumor Day: शरीर नहीं, दिमाग भी देता है संकेत, ब्रेन ट्यूमर के ऐसे लक्षण जिन्हें लोग तनाव समझकर टाल देते हैं

World Brain Tumor Day: आमतौर पर ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों को लोग सिर्फ सिरदर्द और उल्टियां आने जैसे शारीरिक संकेतों को ही समझते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं आपका दिमाग भी कई तरह से इसके बारे में बताने की कोशिश करता है। जानिए ब्रेन ट्यूमर के ऐसे शुरुआती लक्षण, जिन्हें लोग अक्सर अनदेखा कर देते हैं।

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आपका दिमाग भी कई तरह से देता है ब्रेन ट्यूमर के संकेत

World Brain Tumor Day: आजकल सिरदर्द, थकान, चिड़चिड़ापन या बार-बार बातें भूल जाना बहुत आम हो गया है। ज्यादातर लोग इसे काम का तनाव, नींद की कमी या रोजमर्रा की भागदौड़ का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यही छोटी-छोटी परेशानियां किसी बड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकती हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि ब्रेन ट्यूमर हमेशा अचानक और बड़े लक्षणों (Brain Tumor Symptoms)के साथ सामने नहीं आता। कई बार दिमाग धीरे-धीरे ऐसे संकेत देता है, जिन्हें लोग सामान्य समझकर टाल देते हैं। शेल्बी इंटरनेशनल हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम के डायरेक्टर और हेड ऑफ न्यूरोलॉजी डॉ. कपिल अग्रवाल और अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोसर्जरी डॉ. सत्यकाम बरुआह के मुताबिक, अगर इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए तो इलाज आसान हो सकता है।

बार-बार होने वाला सिरदर्द हो सकता है चेतावनी

डॉ. कपिल अग्रवाल बताते हैं कि अगर सिरदर्द पहले के मुकाबले ज्यादा होने लगे या दर्द का तरीका बदल जाए, तो इसे सिर्फ तनाव का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासतौर पर अगर सुबह उठते ही सिर में दर्द हो या दर्द के साथ उल्टी और जी मिचलाने की शिकायत भी हो, तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए। कई लोग महीनों तक दर्द की गोली खाते रहते हैं, जबकि शरीर उन्हें कुछ और बताने की कोशिश कर रहा होता है।

मूड और व्यवहार में अचानक बदलाव

क्या घरवाले यह कहने लगे हैं कि आप पहले जैसे नहीं रहे? छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना, बिना वजह उदास रहना, लोगों से दूरी बनाना या स्वभाव में अचानक बदलाव आना भी दिमाग से जुड़ा संकेत हो सकता है। डॉ. सत्यकाम बरुआह कहते हैं कि ऐसे बदलावों को अक्सर तनाव या मानसिक थकान समझ लिया जाता है, जबकि कभी-कभी इसके पीछे ब्रेन ट्यूमर भी हो सकता है।

बातें भूलना और ध्यान न लगना

अगर आपको बार-बार चीजें भूलने की आदत होने लगी है, बातचीत के दौरान सही शब्द याद नहीं आते या काम पर पहले जैसा फोकस नहीं बन पा रहा, तो इस पर ध्यान देने की जरूरत है। हर बार इसका कारण उम्र या तनाव नहीं होता। कई बार दिमाग में हो रहे बदलाव भी इसकी वजह बन सकते हैं।

नजर और बोलने में दिक्कत को हल्के में न लें

अचानक धुंधला दिखना, चीजें दो-दो नजर आना या बोलते समय शब्दों का अटकना ऐसे लक्षण हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. कपिल अग्रवाल के अनुसार, अगर ऐसी समस्या बिना किसी स्पष्ट कारण के शुरू हो जाए तो जल्द से जल्द विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या लड़खड़ाहट

अगर हाथ या पैर में अचानक कमजोरी महसूस हो, शरीर का कोई हिस्सा सुन्न पड़ने लगे या चलते समय बार-बार संतुलन बिगड़ने लगे, तो यह सामान्य बात नहीं है। इसी तरह पहली बार मिर्गी जैसा दौरा पड़ना भी गंभीर संकेत माना जाता है और तुरंत जांच की जरूरत होती है।

दिमाग के संकेतों को समझना जरूरी

डॉ. सत्यकाम बरुआह कहते हैं कि हर सिरदर्द या भूलने की समस्या का मतलब ब्रेन ट्यूमर नहीं होता, लेकिन अगर कोई परेशानी लगातार बनी रहे, धीरे-धीरे बढ़ती जाए या उसके साथ नए लक्षण जुड़ने लगें, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

दिमाग अक्सर बड़ी परेशानी आने से पहले छोटे-छोटे संकेत देता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हम उन्हें समझ पाते हैं या नहीं। सही समय पर जांच और इलाज कई बार बड़ी मुश्किलों से बचा सकता है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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