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World Brain Tumor Day: बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के लक्षण बड़ों से कैसे अलग होते हैं, जानिए किन संकेतों को पेरेंट्स अक्सर कर देते हैं नजरअंदाज

World Brain Tumor Day: क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण बड़ों से कैसे अलग होते हैं। बता दें कि कुछ साइलेंट संकेतों को सामान्य समझकर अनदेखा करना कितना खतरनाक हो सकता है। इसलिए समय पर पहचान और इलाज बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

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बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के कौन से संकेत अनदेखा नहीं करने चाहिए

World Brain Tumor Day: बच्चे अक्सर सिरदर्द, उल्टी या थकान जैसी छोटी-मोटी परेशानियों से गुजरते हैं। ऐसे में माता-पिता भी कई बार सोचते हैं कि शायद मौसम बदलने, पढ़ाई के दबाव, कमजोरी या किसी सामान्य बीमारी की वजह से ऐसा हो रहा होगा। लेकिन अगर ये दिक्कतें बार-बार होने लगें और लंबे समय तक बनी रहें, तो इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। कुछ मामलों में ये संकेत ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी की ओर भी इशारा कर सकते हैं।

विश्व मस्तिष्क कैंसर दिवस (World Brain Tumor Day) के मौके पर यह समझना जरूरी है कि बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के लक्षण कई बार बड़ों से अलग दिखाई देते हैं। यही वजह है कि माता-पिता अक्सर उन्हें पहचान नहीं पाते और बीमारी का पता लगने में देरी हो जाती है। अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद में न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. संजय पांडे बताते हैं कि बच्चों के व्यवहार और स्वास्थ्य में होने वाले लगातार बदलावों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।

बच्चों में ब्रेन ट्यूमर को पहचानना क्यों मुश्किल होता है

ब्रेन ट्यूमर बच्चों में होने वाले आम कैंसरों में से एक माना जाता है। परेशानी यह है कि इसके शुरुआती लक्षण किसी साधारण बीमारी जैसे ही लगते हैं। इसलिए अक्सर परिवार वाले सोचते हैं कि बच्चा कुछ दिनों में ठीक हो जाएगा और डॉक्टर को दिखाने में देर हो जाती है।

बड़ों से अलग होते हैं बच्चों के संकेत

बड़ों में ब्रेन ट्यूमर होने पर लगातार सिरदर्द, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या बोलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लेकिन बच्चों में इसके संकेत कई बार उनके स्वभाव और रोजमर्रा की आदतों में बदलाव के रूप में सामने आते हैं।

अगर बच्चा पहले की तरह खेलने-कूदने में रुचि न ले, पढ़ाई में ध्यान न लगा पाए या अचानक ज्यादा चिड़चिड़ा रहने लगे, तो इसे सिर्फ शरारत या जिद समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

सुबह उठते ही सिरदर्द और उल्टी को हल्के में न लें

डॉ. संजय पांडे के अनुसार, अगर किसी बच्चे को लगातार सुबह उठते ही सिरदर्द हो रहा है या बार-बार उल्टी हो रही है, तो यह एक अहम चेतावनी संकेत हो सकता है। खासकर तब, जब यह समस्या कई दिनों या हफ्तों से बनी हुई हो।

छोटे बच्चों में ऐसे दिख सकते हैं लक्षण

कम उम्र के बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के संकेत और भी अलग हो सकते हैं। उनका सिर सामान्य से तेजी से बड़ा दिखना, चलते समय बार-बार लड़खड़ाना, संतुलन खो देना या चीजों को साफ न देख पाना ऐसे लक्षण हैं जिन पर माता-पिता को ध्यान देना चाहिए।

कुछ बच्चों में उम्र के हिसाब से विकास की रफ्तार भी धीमी पड़ सकती है। ऐसे बदलावों को केवल कमजोरी या पोषण की कमी मानकर टालना सही नहीं है।

समय रहते पहचान ही सबसे बड़ी सुरक्षा

डॉ. संजय पांडे कहते हैं कि अगर किसी बच्चे में कई हफ्तों तक सिरदर्द, उल्टी, संतुलन बिगड़ना या व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण बने रहें, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। हर सिरदर्द या उल्टी का मतलब ब्रेन ट्यूमर नहीं होता, लेकिन लगातार बने रहने वाले लक्षणों की जांच जरूरी है।

माता-पिता की थोड़ी-सी सतर्कता कई बार बड़ी बीमारी को समय रहते पकड़ने में मदद कर सकती है। इसलिए बच्चे के व्यवहार और स्वास्थ्य में होने वाले लगातार बदलावों को नजरअंदाज करने की बजाय उन पर ध्यान देना ज्यादा समझदारी है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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