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World Brain Tumor Day: बार-बार होने वाला सिरदर्द हमेशा माइग्रेन नहीं होता, जानिए कब हो सकता है ब्रेन ट्यूमर का संकेत

World Brain Tumor Day: क्या आपको अक्सर सिरदर्द की समस्या परेशान करती है या ठीक होने के बाद सिरदर्द बार-बार लौट आता है? बता दें कि इसे अनदेखा करना बड़ा खतरा बन सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह ब्रेन ट्यूमर का संकेत हो सकता है।

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लगातार सिरदर्द को अनदेखा करना आपकी बड़ी भूल साबित हो सकती है

World Brain Tumor Day: सिरदर्द आजकल एक बहुत आम समस्या बन चुका है। कभी काम का तनाव, कभी नींद की कमी तो कभी माइग्रेन इसकी वजह बन जाता है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग सिरदर्द को गंभीरता से नहीं लेते और दर्द की गोली खाकर काम चला लेते हैं। लेकिन हर बार ऐसा करना सही नहीं होता। कुछ मामलों में लगातार होने वाला या पहले से अलग तरह का सिरदर्द किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर भी ऐसी ही एक स्थिति है, जिसके शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द शामिल हो सकता है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर की निशानी है। लेकिन अगर दर्द के साथ कुछ और असामान्य बदलाव (headache warning signs) दिखने लगें, तो सतर्क हो जाना जरूरी है। विश्व मस्तिष्क ट्यूमर दिवस के मौके पर जानते हैं कि कब सिरदर्द को सिर्फ माइग्रेन समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

जब सिरदर्द का पैटर्न बदलने लगे

अगर आपको पहले भी सिरदर्द होता था, लेकिन अब दर्द पहले से ज्यादा तेज, ज्यादा बार या अलग तरह का महसूस होने लगा है, तो इस पर ध्यान देना चाहिए। शरीर में होने वाले ऐसे बदलाव कई बार किसी अंदरूनी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।

सुबह उठते ही दर्द महसूस होना

विशेषज्ञों के अनुसार कुछ लोगों में ब्रेन ट्यूमर से जुड़ा सिरदर्द सुबह के समय ज्यादा परेशान कर सकता है। अगर नींद से उठते ही सिर भारी लगे या रोज सुबह दर्द होने लगे, तो इसे सामान्य सिरदर्द मानकर टालना ठीक नहीं है।

सिरदर्द के साथ दिखें ये दूसरे संकेत

अगर सिरदर्द के साथ बार-बार उल्टी हो, नजर धुंधली होने लगे, चलने में संतुलन बिगड़ने लगे या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

व्यवहार और याददाश्त में बदलाव

ब्रेन से जुड़ी समस्याओं का असर केवल शरीर पर ही नहीं, बल्कि सोचने-समझने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। अगर व्यक्ति ज्यादा भूलने लगे, स्वभाव में अचानक बदलाव आने लगे या रोजमर्रा के कामों में परेशानी महसूस हो, तो जांच कराना जरूरी हो सकता है।

समय पर जांच से मिल सकती है राहत

कई लोग डर की वजह से जांच कराने से बचते हैं। लेकिन किसी भी समस्या का समय पर पता चलना इलाज को आसान बना सकता है। इसलिए अगर सिरदर्द लंबे समय तक बना रहे या उसके साथ दूसरे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

यह भी रखें ध्यान

सिरदर्द हमेशा चिंता की बात नहीं होता, लेकिन शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है। अगर दर्द बार-बार हो रहा है और उसके साथ कुछ असामान्य बदलाव भी महसूस हो रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। सही समय पर जांच और जागरूकता ही गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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