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World Brain Day: बस एक रात की खराब नींद अगले दिन आपके दिमाग पर क्या असर डालती है- डॉक्टर के फैक्ट्स आंखें खोल देंगे

One Night Poor Sleep Effects On Brain: क्या आपने कभी सोचा है सिर्फ एक रात की खराब नींद भी अगले दिन आपके दिमाग पर असर डाल सकती है? डॉक्टर ने इस बारे में हैरान करने वाली जानकारी दी है।

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एक रात नींद की कमी दिमाग पर डालती है गहरा असर

One Night Poor Sleep Effects On Brain: कभी ऑफिस का काम, कभी देर रात तक मोबाइल चलाना, तो कभी किसी बात की चिंता.. ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से हमारी नींद पूरी नहीं हो पाती। अगली सुबह हम अक्सर सोचते हैं कि एक दिन की ही तो बात है, चाय या कॉफी पीकर काम चला लेंगे। लेकिन क्या सच में ऐसा होता है? विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ एक रात की अधूरी नींद भी अगले दिन आपके दिमाग की काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। 22 जुलाई को हर साल वर्ल्ड ब्रेन डे मनाया जाता है। इसी मौके के बहाने पढ़ें कि कम नींद का दिमाग पर असर। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि एक रात कम सोने से दिमाग को हमेशा के लिए नुकसान हो जाता है, लेकिन ध्यान लगाने में परेशानी, छोटी-छोटी बातें भूलना, जल्दी चिड़चिड़ापन आना और प्रतिक्रिया देने में देरी जैसे बदलाव जरूर महसूस हो सकते हैं।

विश्व मस्तिष्क दिवस (World Brain Day) के मौके पर अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के न्यूरोलॉजिस्ट और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अमित कुमार अग्रवाल (असिस्टेंट प्रोफेसर, न्यूरोसाइंसेज, न्यूरोलॉजी एंड स्ट्रोक मेडिसिन विभाग) बता रहे हैं कि एक रात की खराब नींद भी आपके दिमाग पर कितना असर डाल सकती है।

नींद में दिमाग क्या करता है

नींद में दिमाग क्या करता है

नींद में दिमाग क्या करता है

डॉ. अमित कुमार अग्रवाल बताते हैं कि नींद सिर्फ शरीर को आराम देने के लिए नहीं होती। जब हम सोते हैं, तब भी हमारा दिमाग लगातार काम करता रहता है। इसी दौरान दिनभर की जानकारी को व्यवस्थित किया जाता है, जरूरी बातें लंबे समय तक याद रखने के लिए सुरक्षित की जाती हैं और दिमाग अगले दिन के लिए खुद को तैयार करता है।

यही वजह है कि अगर एक रात भी अच्छी नींद नहीं मिलती, तो अगली सुबह व्यक्ति सामान्य दिखने के बावजूद पहले जैसी सतर्कता महसूस नहीं करता। उसका ध्यान जल्दी भटक सकता है और किसी काम पर लंबे समय तक फोकस बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

एक रात की खराब नींद का असर

डॉ. बताते हैं कि साल 2024 में प्रकाशित 44 अध्ययनों की एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में पाया गया कि जिन लोगों को एक रात में केवल 2 से 6 घंटे की नींद मिली, उनमें अगले दिन ज्यादा नींद आने की शिकायत बढ़ी। साथ ही उनका ध्यान लंबे समय तक किसी काम पर नहीं टिक पाया, प्रतिक्रिया देने की गति धीमी हुई और बार-बार ध्यान भटकने जैसी समस्याएं भी देखी गईं।

यही कारण है कि कम नींद के बाद कई लोगों को एक ही ईमेल या मैसेज दो-तीन बार पढ़ना पड़ता है। कुछ मिनट पहले की बात भूल जाना, बातचीत करते समय सही शब्द याद न आना या किसी छोटे काम में भी ज्यादा समय लगना, ये सभी संकेत हो सकते हैं कि दिमाग पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा।

एक रात की खराब नींद का असर

एक रात की खराब नींद का असर

मूड और फैसलों पर क्या पड़ता है असर

डॉ. अमित कुमार अग्रवाल बताते हैं कि अच्छी नींद न मिलने पर दिमाग का वह हिस्सा, जो हमारी भावनाओं को संभालता है, ज्यादा सक्रिय हो सकता है। वहीं सोच-समझकर फैसला लेने और खुद पर नियंत्रण रखने वाला हिस्सा पहले की तरह प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाता। यही कारण है कि कम नींद के बाद छोटी-सी बात भी बुरी लग सकती है, गुस्सा जल्दी आ सकता है या मन बेचैन महसूस हो सकता है।

इसी विषय पर यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मोहन कृष्णा जोन्नलगड्डा बताते हैं कि नींद की कमी का असर सिर्फ मूड पर नहीं पड़ता। इससे नई बातें याद रखने, सही समय पर सही फैसला लेने और किसी काम पर लगातार ध्यान बनाए रखने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए अगर रातभर अच्छी नींद नहीं मिली है, तो ऐसे कामों में अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए जिनमें पूरी एकाग्रता जरूरी होती है।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए

हर व्यक्ति पर नींद की कमी का असर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। जैसे वाहन चलाने वाले, मशीनों के साथ काम करने वाले, डॉक्टर, नर्स, सुरक्षा कर्मी, रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी, छात्र और वे लोग जिन्हें पूरे दिन लगातार स्क्रीन पर काम करना पड़ता है।

डॉ. मोहन कृष्णा जोन्नलगड्डा के अनुसार, अगर प्रतिक्रिया देने में कुछ सेकंड की भी देरी हो जाए, तो सड़क पर वाहन चलाते समय या मशीन ऑपरेट करते समय दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए खराब नींद के बाद खुद को पूरी तरह सामान्य मान लेना सही नहीं है।

कौन लोग रहें सावधान

कौन लोग रहें सावधान

बचने के लिए अगले दिन क्या करें

अगर किसी कारण से एक रात आपकी नींद पूरी नहीं हो पाई, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले कोशिश करें कि सुबह कुछ देर प्राकृतिक धूप में रहें। इससे शरीर की जैविक घड़ी सामान्य होने में मदद मिलती है। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और अगर संभव हो तो दोपहर में 15 से 20 मिनट की छोटी झपकी ले सकते हैं। हालांकि बहुत देर तक सोने से रात की नींद फिर खराब हो सकती है।

इसके अलावा दिनभर जरूरत से ज्यादा चाय या कॉफी पीने से बचें। डॉ. मोहन कृष्णा जोन्नलगड्डा कहते हैं कि कॉफी कुछ समय के लिए आपको सतर्क महसूस करा सकती है, लेकिन वह अच्छी नींद का विकल्प नहीं है। इसलिए अगली रात समय पर सोने की कोशिश करें, ताकि दिमाग सामान्य तरीके से काम कर सके।

एक रात vs रोज की कम नींद

एक रात vs रोज की कम नींद

एक रात vs रोज की कम नींद

विशेषज्ञों के अनुसार, कभी-कभी एक रात की खराब नींद का असर आमतौर पर अगले दिन तक सीमित रहता है। लेकिन अगर कई दिनों या हफ्तों तक लगातार पर्याप्त नींद न मिले, तो इसका असर सिर्फ दिमाग तक सीमित नहीं रहता। समय के साथ यह मानसिक स्वास्थ्य, दिल की सेहत, शरीर के मेटाबॉलिज्म और रोजमर्रा की कार्यक्षमता पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

यही वजह है कि कभी-कभार नींद कम होना और रोजाना नींद पूरी न होना, दोनों को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।

ध्यान देने वाली बात

डॉक्टर कहते हैं कि दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ बादाम खाना, ब्रेन गेम खेलना या सप्लीमेंट लेना ही काफी नहीं है। अच्छी और पूरी नींद भी उतनी ही जरूरी है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिमाग अगले दिन बेहतर तरीके से काम करे, तो हर रात पर्याप्त नींद लेने की आदत बनाइए। क्योंकि कई बार दिमाग की सबसे अच्छी देखभाल किसी दवा से नहीं, बल्कि समय पर ली गई अच्छी और गहरी नींद से होती है।

स्रोत (References):

2024 Systematic Review & Meta-analysis (44 Studies) on Partial Sleep Restriction and Daytime Cognitive Performance.

विशेषज्ञ राय: डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, Senior Consultant & Assistant Professor, Neurosciences, Neurology & Stroke Medicine, Amrita Hospital, Faridabad.

विशेषज्ञ राय: डॉ. मोहन कृष्णा जोन्नलगड्डा, Sr. Consultant Neurologist, Yashoda Hospitals, Hyderabad.

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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