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मुंबई: फर्जी PMO अधिकारी रोहन पारिख को मिला था ऑफर लेटर, ID कार्ड! वकील की सफाई-'खुद ठगी का शिकार हुआ मेरा मुवक्किल'

Mumbai BKC Jio World Plaza Security Breach: मुंबई के बीकेसी स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में पीएमओ (PMO) का फर्जी पहचान पत्र दिखाकर घुसे रोहन पारिख को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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मुंबई: फर्जी PMO अधिकारी रोहन पारिख को मिला था ऑफर लेटर, ID कार्ड! वकील की सफाई-'खुद ठगी का शिकार हुआ मेरा मुवक्किल'

Fake PMO Official Rohan Parekh Arrested: बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित 'जियो वर्ल्ड प्लाजा' में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का संदिग्ध पहचान पत्र दिखाकर प्रवेश करने वाले रोहन पारिख को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने पारिख को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

यह घटना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीकेसी स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' के उद्घाटन कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले हुई। हालांकि, मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का प्रधानमंत्री के दौरे की सुरक्षा से कोई सीधा संबंध नहीं है।

कैसे हुआ मामले का खुलासा?

पुलिस के अनुसार, रोहन पारिख कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान परिसर के भीतर गया था।

बॉडीगार्ड के पास मिला हथियार: पारिख का बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे (उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच) हथियार लेकर प्रवेश करने लगा। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया।

फर्जी आईकार्ड दिखाया: कुंडे के फोन करने पर पारिख प्रवेश द्वार पर पहुंचा और सुरक्षाकर्मियों को अपना पहचान पत्र दिखाया, जिसमें उसे पीएमओ का 'ग्रेड सी' अधिकारी बताया गया था।

आईकार्ड में मिलीं खामियां: कार्ड पर जारी होने की तिथि तो थी, लेकिन उसकी वैधता (Validity Date) दर्ज नहीं थी। इसके अलावा, जारीकर्ता के हस्ताक्षर तो थे, लेकिन उसका पदनाम (Designation) गायब था। संदेह होने पर सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को सूचित किया।

बचाव पक्ष की दलील: 'रोहन खुद धोखाधड़ी का शिकार हुआ'

अदालत में सुनवाई के दौरान रोहन पारिख के वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल ने जानबूझकर कोई प्रतिरूपण नहीं किया है, बल्कि वह स्वयं एक बड़े फर्जीवाड़े का शिकार हुआ है।

पीएमओ में भूमिका का झांसा: वकील ने बताया कि तरुण कपूर नामक व्यक्ति ने पारिख को पीएमओ में काम करने का प्रस्ताव दिया था। उसे बाकायदा एक ऑफर लेटर, पहचान पत्र और प्रधानमंत्री के नाम का एक पत्र भेजा गया था।

सिर्फ व्हाट्सएप/ईमेल पर मिला आईकार्ड: बचाव पक्ष ने कहा कि पारिख को कभी भौतिक आईकार्ड नहीं मिला, बल्कि कार्ड का स्क्रीनशॉट भेजा गया था, जिसे उसने सच मान लिया।

मंगेतर के लिए इत्र खरीदने गया था: वकील ने अदालत को बताया कि गणित व विज्ञान में स्नातक पारिख अपनी मंगेतर के लिए इत्र खरीदने जियो वर्ल्ड प्लाजा गया था। उसने पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया है और सभी दस्तावेज जांच अधिकारी को सौंप दिए हैं।

पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच जारी

मुंबई क्राइम ब्रांच इस बात की जांच कर रही है कि यह फर्जी पहचान पत्र किसने तैयार किया और किस मकसद से पारिख को परिसर में भेजा गया था।

बॉडीगार्ड का हथियार लाइसेंसी: पुलिस जांच में सामने आया है कि बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे के पास मौजूद हथियार वैध और लाइसेंसी था।

फरार आरोपी की तलाश: इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति की तलाश जारी है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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