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World Blood Cancer Day 2023: खून का कैंसर होने के पीछे ये है मुख्य कारण, देखें किन मामुली चीज़ों से बढ़ सकता है कैंसर का रिस्क

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated May 27, 2023, 05:27 PM IST

Causes of Blood Cancer (ब्लड कैंसर के कारण): हर साल 28 मई की तारीख को विश्व खुन कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है। ब्लड कैंसर डे सेलिब्रेट करने का उद्देश्य लोगों को कैंसर की गंभीरता से वाकिफ करवाना है। यहां देखें खून का कैंसर होने के कारण और रिस्क क्या है, जिनको नज़रअंदाज करने की गलती बहुत भारी पड़ सकती है।

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World blood cancer day 2023: causes and risk factors of blood cancer

Causes and Risk of Blood Cancer (ब्लड कैंसर के कारण): दूषित वातावरण, गलत खानपान, लगातार बिगड़ती जीवनशैली आदि जैसे कारणों की वजह से इन दिनों कैंसर के मामले बढ़ते ही चले जा रहे हैं। कैंसर का नाम उन गंभीर बीमारियों की लिस्ट में शामिल है, जिनका समय रहते इलाज न करने पर जान से हाथ धोने की नौबत आ सकती है। खून का कैंसर भी कैंसर का एक ऐसा ही खतरनाक प्रकार है, जिससे पीढ़ित होने पर मरीज़ों को कमज़ोरी, थकान, खून बहने से लेकर सांस न आने तक की शिकायत हो सकती है।

इतनी गंभीरता होने के बावजूद कई लोगों को कैंसर के कारण और लक्षणों के बारे में कम ही पता होता है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को कैंसर से जुड़ी जानकारी प्रदान करने के लिए हर साल 28 मई की तारीख को विश्व खून कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है। वैसे तो कैंसर होने के पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ऐसे हैं जिनकी समय रहते जांच कर बीमारी बिगड़ने से पहले बचाव हो सकता है। यहां देखें खून का कैंसर होने के मुख्य कारण और किससे कितना खतरा हो सकता है।

ब्लड कैंसर क्या होता है?

खून का कैंसर, एक ऐसा कैंसर है जिसमें मरीज के शरीर की लाल रक्त कोशिकाएं कम या फिर खत्म हो जाती है। और शरीर में वाइट ब्लड सेल्स की संख्या अत्यधिक हो जाती है। ब्लड कैंसर की स्थिति में सफेद रक्त कोशिकाएं इतनी ताकतवर होती हैं कि, वे रेड ब्लड सेल्स के साथ साथ प्लेटलेट्स को भी बाहर निकाल कर फैंक देती है। बता दें कि, स्वस्थ्य शरीर के लिए लाल और सफेद दोनों ही रक्त कोशिकाएं बराबर मात्रा में जरूरी होती हैं। ब्लड कैंसर शरीर की हड्डियों में बड़ी तेज़ी से फैलने लगता हैं। ब्लड कैंसर की बीमारी के लक्षण के तौर पर कमज़ोरी, थकान, आसानी से चोट लगना, खून बहना, बुखार, ठंड लगना, हड्डियों या फिर जोड़ों में दर्द होना, अनियंत्रित वज़न घटना, रात को पसीना आना या सांस लेने में दिक्कत होना मुख्य हैं।

खून का कैंसर क्यों होता हैं? Causes of Blood Cancer

खून का कैंसर होने के पीछे वैसे तो कई कारण होते हैं, जिनका हर स्थिति में सटीक ढंग से पता लगा पाना मुश्किल ही होता है। लेकिन निम्न कुछ ऐसे गंभीर और मुख्य कारण हैं, जिनकी वजह से खून कैंसर की शिकायत आमतौर पर होती ही होती है -

हेरीडिटी

परिवार में अगर पहले से किसी को कैंसर से तो ऐसे में बहुत हद तक संभावना होती है कि, आपको भी कैंसर का खराब प्रभावों से जूझना ही पड़े। ब्लड कैंसर एक प्रकार की जेनेटिक बीमारी होती है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी होने का रिस्क रहता है। जुड़वा बच्चों में से किसी एक को कैंसर है, तो बहुत संभावना है कि दूसरे को भी हो। ऐसे में अगर आपके परिवार में भी किसी को कैंसर है, तो आपको अत्यंत सावधानी बरतने की जरूरत है।

स्मोकिंग

बीड़ी-सिगरेट आदि पीने से भी स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान होते हैं, वहीं धूम्रपान को कैंसर के पीछे का एक बड़ा कारण भी माना जा सकता है। हालांकि सिगरेट पीने से खून कैंसर होने का कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन क्योंकि धुम्रपान से सांस संबंधित दिक्कते होने का खतरा बढ़ता है। वैसे ही इससे खून कैंसर होने का रिस्क भी कुछ हद तक बढ़ ही जाता है, धुम्रपान करने से फेफड़ों का कैंसर भी हो सकता है।

रेडिएशन

हानिकारक रेडिएशन्स के संपर्क में आने से भी खून का कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। परमाणु बम विस्फोट, बिजली लाइन से निकलने वाली रेडिएशन्स, कीटनाशक या इंडस्ट्री फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के संपर्क में आने से भी ब्लड कैंसर का रिस्क दुगना हो जाता है।

जन्मजात विकार

अगर किसी बच्चे को जन्म के वक्त डाउन सिंड्रोम, फैनकोनी एनीमिया, ब्लूम सिंड्रोम, ब्लैकफैन डायमंड सिंड्रोम समेत कोई भी अन्य जन्मजात विकार है। तो इसके कारण भी ब्लड कैंसर होने का रिस्क अत्यधिक हो जाता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

अवनि बागरोला
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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