बिजनेस

पैसों को लेकर Gen Z का नया ट्रेंड, ये है पहली पसंद, सर्वे में हुआ खुलासा

होम क्रेडिट इंडिया 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, 64% Gen Z अब EMI और क्रेडिट कार्ड से खरीदारी कर रहे हैं। कम जिम्मेदारियों के कारण Gen Z सबसे ज्यादा बचत भी कर रही है।

Image

EMI और बचत के दम पर अपने सपने पूरे कर रही Gen Z! (तस्वीर-AI)

भारत में युवाओं के खर्च करने और पैसे बचाने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। होम क्रेडिट इंडिया की 'द ग्रेट इंडियन वॉलेट 2026' स्टडी के मुताबिक, Gen Z (युवा पीढ़ी) अब किसी भी बड़ी या जरूरी खरीदारी के लिए क्रेडिट कार्ड और EMI का इस्तेमाल सबसे ज्यादा कर रही है। सर्वे में शामिल 64 प्रतिशत Gen Z उत्तरदाताओं ने माना कि क्रेडिट और आसान किस्तों (EMI) की बदौलत वे अब योजनाबद्ध खरीदारी बिना किसी झिझक के कर पाते हैं।

वित्तीय स्थिति को लेकर बढ़ा भरोसा

देश भर में डिजिटल टूल्स और सस्ते क्रेडिट की वजह से लोगों का अपनी वित्तीय स्थिति पर भरोसा मजबूत हुआ है। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक होम क्रेडिट का फाइनेंशियल वेल-बीइंग इंडेक्स 2026 में बढ़कर 40 अंक पर पहुंच गया है, जो 2023 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। करीब 85 प्रतिशत लोगों को उम्मीद है कि वे अगले पांच वर्षों में अपने व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों को पूरा कर लेंगे। वहीं, 87 प्रतिशत लोग अपने आर्थिक भविष्य को लेकर काफी आशावादी हैं। जीएसटी दरों में ढील और डिजिटल वित्तीय साधनों ने लोगों के लिए बचत और निवेश के रास्ते आसान कर दिए हैं।

घर के खर्चों में राहत और बचत में बढ़ोतरी

जीएसटी में सुधारों के बाद आम जनता को रोजमर्रा के खर्चों में बड़ी राहत मिली है। अध्ययन के अनुसार, 50 प्रतिशत लोगों ने माना कि अब घर के खर्चों को संभालना पहले से कम तनावपूर्ण हो गया है। इसके अलावा 46 प्रतिशत लोगों की बचत में इजाफा हुआ है और 44 प्रतिशत लोगों का निवेश बढ़ा है।

खर्च में पीछे, लेकिन बचत करने में सबसे आगे है युवा पीढ़ी

सर्वे के दिलचस्प आंकड़े बताते हैं कि जहां Gen X (बड़ी उम्र के लोग) घर के कुल खर्चों में औसतन 70 प्रतिशत और मिलेनियल्स 68 प्रतिशत का योगदान देते हैं, वहीं Gen Z का योगदान सबसे कम 57 प्रतिशत है। घर की जिम्मेदारियों का बोझ कम होने के कारण Gen Z बचत के मामले में सभी पीढ़ियों से आगे निकल गई है। Gen Z अपनी कमाई का 58 प्रतिशत हिस्सा बचा रही है, जबकि मिलेनियल्स 53 प्रतिशत और Gen X 44 प्रतिशत ही बचा पाते हैं। आय की बात करें तो मेट्रो शहरों में रहने वाले परिवारों की औसत मासिक आय 38,000 रुपये है, जबकि उनका जरूरी खर्च 22,000 रुपये के आसपास रहता है।

खुद का घर खरीदना पहली पसंद, बिजनेस में भी दिलचस्पी

भारतीयों की प्राथमिकताओं में अब संपत्ति (एसेट) बनाना सबसे ऊपर है। करीब 31 प्रतिशत लोग अपना घर खरीदना चाहते हैं, और महिलाओं में यह आंकड़ा 40 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इसके साथ ही देश के युवाओं में खुद का छोटा-मोटा बिजनेस (माइक्रो-एंट्रप्रेन्योरशिप) शुरू करने का क्रेज भी तेजी से बढ़ रहा है। 31 प्रतिशत Gen Z युवा अपना नया काम या स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। घूमने-फिरने और मनोरंजन के मामले में स्थानीय यात्राएं और बाहर खाना या फिल्में देखना युवाओं की पहली पसंद बनी हुई हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article