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महिलाओं के हार्मोनल स्वास्थ्य के लिए मीठी जहर है चीनी, एक्सपर्ट ने बताई चौंकाने वाली वजह, जानें क्यों बनाएं दूरी

Why Sugar Is Bad For Hormone Health: हाल ही में सोशल मीडिया पर मशहूर हेल्थ एक्सपर्ट चीनी को महिलाओं के लिए जहर समान बताया है। चीनी सिर्फ मोटापे की वजह नहीं है, बल्कि महिलाओं के हार्मोनल स्वास्थ्य के लिए ‘मीठी जहर’ साबित हो सकती है। जानें कैसे चीनी आपके पीरियड्स, त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही है और क्यों इसे अपनी डाइट से कम करना जरूरी है।

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Why Sugar Is Bad For Hormone Health

Why Sugar Is Bad For Hormone Health: हम सभी जानते हैं कि ज्यादा चीनी से वजन बढ़ता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपके हार्मोनल स्वास्थ्य को भी धीरे-धीरे बर्बाद कर सकती है? हेल्थ इन्फ्लुएंसर, हार्मोन और गट हेल्थ डाइटिशियन मनप्रीत कालरा के अनुसार, चीनी सिर्फ मीठा नहीं बल्कि ‘मीठी जहर’ है, खासकर महिलाओं के लिए। यह पीसीओएस, एक्ने, मूड स्विंग, थकान, नींद की कमी और पेट की चर्बी जैसी कई परेशानियों की जड़ हो सकती है। अगर आप हर महीने पीरियड्स की गड़बड़ी, चेहरे पर पिंपल या लगातार चिड़चिड़ापन महसूस कर रही हैं, तो इसका कारण आपके कप में घुली चीनी भी हो सकती है।

1. इंसुलिन स्पाइक से बढ़ता है PCOS और एक्ने

अधिक चीनी खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है, जिससे इंसुलिन का स्तर भी बढ़ जाता है। डाइटिशियन मनप्रीत कालरा बताती हैं कि यह स्थिति महिलाओं में PCOS, एक्ने और अनियमित पीरियड्स का कारण बन सकती है। लंबे समय तक यह समस्या हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ देती है।

2. हार्मोनल चेन रिएक्शन को ट्रिगर करती है

चीनी का अधिक सेवन एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन के संतुलन को बिगाड़ देता है। इसकी वजह से मूड स्विंग, थकान, वजन बढ़ना और पीरियड्स से जुड़ी दिक्कतें होती हैं। यह प्रभाव खासकर उन महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलता है, जो पहले से ही हार्मोनल समस्याओं से जूझ रही हैं।

3. कॉर्टिसोल बढ़ाकर तनाव और पेट की चर्बी

जब आप ज्यादा चीनी खाते हैं, तो यह शरीर में कॉर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर बढ़ा देती है। इससे चिंता, तनाव, पेट की चर्बी और नींद की कमी जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। लगातार ऐसा होने से मानसिक और शारीरिक दोनों तरह का स्वास्थ्य प्रभावित होता है।

4. नींद का चक्र बिगाड़ देती है

चीनी मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित करती है, जो नींद के लिए जरूरी है। नतीजतन, गहरी नींद नहीं आती और शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिल पाता। खराब नींद आगे चलकर हार्मोनल असंतुलन को और खराब कर देती है।

5. मूड और क्रेविंग्स पर असर

चीनी आपके सेरोटोनिन लेवल के साथ छेड़छाड़ करती है, जिससे मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन और मीठे की क्रेविंग बढ़ जाती है। पीरियड्स के दौरान ये लक्षण और ज्यादा तेज हो सकते हैं, जिससे पीएमएस (PMS) के लक्षण गंभीर हो जाते हैं।

6. एस्ट्रोजन डॉमिनेंस और एंड्रोजन लेवल बढ़ना

चीनी का ज्यादा सेवन महिलाओं में एस्ट्रोजन डॉमिनेंस को बढ़ावा देता है, जो भारी पीरियड्स, फाइब्रॉइड और वजन बढ़ने जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। साथ ही, एंड्रोजन हार्मोन बढ़ने से चेहरे पर अनचाहे बाल, एक्ने और बाल झड़ने की समस्या भी हो सकती है।

तो क्या चीनी पूरी तरह से छोड़ दें?

अगर आप अपने हार्मोनल स्वास्थ्य को सही रखना चाहती हैं, तो चीनी का सेवन सीमित करना ही सबसे बड़ा कदम है। डाइटिशियन मनप्रीत कालरा का मानना है कि आपको मीठा पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं, लेकिन इसे बैलेंस करना बेहद जरूरी है। ज्यादा चीनी से जितना बचेंगी, उतना ही हार्मोनल हेल्थ और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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